वहां वह किसी दूसरे कक्ष में बैठने की बजाय डीआईओएस कार्यालय में अपनी पुरानी कुर्सी पर ही बैठते है। गुरुवार दोपहर 12:06 बजे अमर उजाला की टीम को सेवानिवृत्त डीआईओएस अपनी पुरानी कुर्सी में बैठे नजर आए। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के चलते कई सारे काम पड़े है, जिन्हें पूरा करने को वह कार्यालय चले आते है।
मौजूदा डीआईओएस बोले- यह सम्मान की बात है
14 जनपदों में अधिकारी रहे अब कुर्सी का मोह क्यों रहेगा। कहा कि क्लास वन अफसर है क्लास टू अफसर को चार्ज मिला है। ऐसे में वह डीआईओएस की कुर्सी पर बैठ सकते है। गौरतलब हो की केके ओझा के स्थान पर डायरेक्टर स्तर से मुख्यालय स्थित जीआईसी के प्रधानाचार्य पवन कुमार श्रीवास्तव को चार्ज दिया गया, जो अपने कार्यालय में दूसरी कुर्सी डालकर बैठते है। मौजूदा डीआईओएस ने बताया कि यह सम्मान की बात है।
कार्यकाल में विवादित रहे सेवानिवृत्त डीआईओएस
डीआईओएस केके ओझा अपने कार्यकाल के दौरान काफी विवादित रहे। उन्होंने कुरारा स्थित संस्कृत विद्यालय में अध्यक्ष रहने के दौरान नियम विरुद्ध अपने भाई का संविदा में चयन किया। जिसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई। जिनके द्वारा पत्रावली सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।