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Kanpur News: चार लोगों की मौत पर जिम्मेदारों ने डाली मिट्टी

Mon, 23 Feb 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर बैरी सवाई के पास सिस्टम की लापरवाही से वैन तालाब में पलटने से चार लोगों की जान चली गई थी। घटना को लेकर जिलाधिकारी की नाराजगी पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी चेते मगर घटना स्थल पर समस्या के समाधान के नाम पर महज खानापूर्ति करके इतिश्री कर ली गई। जिम्मेदारों ने गड्ढों को मिट्टी डालकर भर दिया और क्रैश बैरियर के स्थान पर बालू भरी बोरियां रखकर किनारा कर लिया।
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शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर प्रतिदिन करीब पांच हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसके मार्ग पर बैरी सवाई के पास सड़क सुरक्षा मानक शून्य होने के चलते शुक्रवार रात को औरैया के सहायल से कानपुर जा रही वैन का पहिया गड्ढे में जाने से वैन तालाब में पलट गई थी। डूबने से कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर-3 निवासी राजकिशोर अग्निहोत्री, उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी राखी उर्फ हिमांशू अग्निहोत्री, नाती शिव की डूबने से मौत हो गई थी।
इस हादसे में वैन में मौजूद राजकिशोर की नातिन वानी, बेटी कृतिका, सुधा, उनके बेटे कान्हा, सुधांशु (24) घायल हो गए थे। हादसे में चार लोगों की जान चली जाने पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने नाराजगी जाहिर कर जिम्मेदारों को तुरंत घटना स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर काम करना शुरू किया।
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जिम्मेदारों ने जिलाधिकारी के निर्देश को भी अनदेखा करते हुए जमीनी स्तर पर खानापूर्ति कर दी। तालाब के किनारे स्थित दोनों गहरे गड्ढों को भरने के नाम पर महज मिट्टी ड़लवा दी गई। यहां तक कि सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाना भी जरूरी नहीं समझा। जबकि किसी वाहन के तालाब में गिरने से बचाने के नाम पर तालाब के किनारे सिर्फ बालू भरी बोरियां रखवा दीं। पास में मोड़ होने के बावजूद भी कोई संकेतक नहीं लगवाया गया और न ही प्रकाश की व्यवस्था करवाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े हादसे को भी जिम्मेदारों ने हल्के में लेकर खानपूर्ति कर दी है। कोई मजबूत सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया है। गड्ढों में डाली गई मिट्टी तालाब के पानी से होने वाली कटान के साथ कुछ ही दिनों में वापस बह जाएगी। शायद जिम्मेदार इस स्थान पर दूसरी बार हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं।
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बोले लोग:
किया गया काम सुरक्षा नहीं बढ़ा सकता है हादसा
बैरी सवाई के तालाब के पास सड़क किनारे रखी गई बालू भरी बोरियां किसी भी वाहन के तालाब में जाने से रोकने के लिए नाकाफी हैं। यहां तक कि जिम्मेदारों की ओर से इन बोरियों पर रेडियम की पट्टी भी नहीं लगाई गई है। इससे रात के समय वाहन सवारों को झाड़ियों के बीच रखी बोरियां नहीं दिखेंगी। जिससे फिर से हादसा हो सकता है। - संदीप कुमार, बैरी सवाई
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सुरक्षा के लिहाज से तालाब के किनारे स्थाई समाधान की आवश्यकता है। गड्ढों में डाली गई मिट्टी कुछ ही दिन में तालाब के पानी से होने वाली कटान से बह जाएगी। व्यस्ततम मार्ग पर इस प्रकार की खानापूर्ति दुर्भाग्यपूर्ण है। जल्द ही सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। जिससे भविष्य में तालाब के पास कोई हादसा न हो। - साहिल
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वर्जन.............
तालाब के किनारे मौजूद गड्ढों में मिट्टी डालकर अस्थाई रूप से बंद करवा दिया गया है। साथ ही सड़क किनारे बालू भरी बोरियां रखवाई गई हैं। जिससे लोग खतरे को समझ सकें। तालाब किनारे पुख्ता इंतजाम करने के लिए इस्टीमेट बनाया जा रहा है। जल्द ही तालाब किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। अन्य मार्गों पर ही भी कहीं तालाब या अन्य समस्याएं हैं तो उन्हें भी चिह्नित कर जल्द दूर करवाया जाएगा। - आरके राय, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
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इंसेट:
खतरों भरा है जनपद की सड़कों का सफर, जरा सी चूक और हादसा तय

फोटो-30 डेरापुर- मुंगीसापुर मार्ग ननथू जहली मोड़ पर स्थित तालाब। संवाद



फोटो-31 गजनेर-रायपुर मार्ग पर टूटी पुलिया की पैराफिट। संवाद
खतरों भरा है जनपद की सड़कों का सफर, जरा सी चूक और हादसा तय
- हादसा होने के बाद भी जिम्मेदार संबंधित स्थान की समस्या दूर कर अन्य स्थान भूल जाते



संवाद न्यूज एजेंसी

कानपुर देहात। जिले में सड़कों पर सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार पूरी तरह से लापरवाही बरत रहे हैं। दूसरे जनपदों में हुई घटनाओं से भी सीख लेने की जगह अनदेखी कर देते हैं। ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेना तो छोड़िए यहां तक कि जिले की सड़कों पर कई स्थान ऐसे हैं जहां जरा सी चूक हो जाने से सड़क हादसों में लोग जान भी गवां चुके हैं।
तमाम हादसों के बाद भी जिम्मेदार संबंधित स्थान पर सुरक्षा की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दीवार, क्रैश बैरियर व संकेतक लगवाने की भी सुध नहीं लेते हैं। बड़ा हादसा हो जाने पर सिर्फ संबंधित स्थान की समस्या दूर कर दी जाती है। जिले के अन्य स्थानों पर उसकी प्रकार की समस्या को दूर करना जरूरी नहीं समझा जाता है। इसके चलते यहां के कई प्रमुख मार्गों पर सफर करना जोखिम भरा है। जिले की सड़कों पर यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता के साथ वाहन चलाएं। नहीं तो आप भी सिस्टम की लापरवाही का शिकार हो सकते हैं।



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दृश्य-1



डेरापुर-मुंगीसापुर मार्ग पर ननथू जहली गांव के मोड़ पर तालाब स्थित है। मुख्य मार्ग पर तालाब शुरू होते ही पुलिया भी बनी है। इस पर जिम्मेदारों ने पैराफिट का निर्माण नहीं कराया है और न ही सुरक्षा के लिहाज से क्रैश बैरियर बनवाएं हैं। इस स्थान पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने कई बार तालाब के किनारे सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करवाने के लिए जिम्मेदारों से मांग की लेकिन अभी तक जिम्मेदारों की ओर से इसको अनदेखा किया जा रहा है।
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दृश्य-2

गजनेर-रायपुर मार्ग पर श्यामपुर के पास घाटमपुर बंबा की पुलिया की एक ओर की पैराफिट को टूटे काफी समय बीत चुका है। इसी पुलिया पर 13 फरवरी की रात को गजनेर से कानपुर लौट रहे बर्रा निवासी बाइक सवार अनिल (35) पुत्र सुखदेव हादसाग्रस्त होकर बंबा में गिर गए थे। वह रनियां की गत्ता फैक्टरी में काम करते थे। घटना के 36 घंटे बाद एसडीआरएफ ने उनका शव पुलिया से 200 मीटर दूरी पर बरामद किया था। पुलिया के पास सुरक्षा व्यवस्था न होने से रात में सफर करना जोखिम भरा है। हादसे में युवक की मौत के बाद भी जिम्मेदार अभी तक नहीं चेते हैं। अभी तक पुलिया पर पैराफिट की मरम्मत नहीं करवाई गई है।
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