सहारनपुर जिले के जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन सहित तीन पर गोरखपुर निवासी क्रिकेटर ने 10.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी और धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक आरोपी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष का निजी सचिव (पीएस) बताया जा रहा है। गोरखपुर जिले के पोस्ट उनवल के गांव पुरासपार निवासी सत्यप्रकाश यादव ने उन्नाव सदर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि वह क्रिकेट के खिलाड़ी हैं और वर्तमान में कानपुर पुलिस लाइन में चाचा के यहां रह रहे हैं।
सत्यप्रकाश के मुताबिक उन्होंने उप्र क्रिकेट एसोसिएशन में अंडर 14, 16,19 और 23 के कैंप में प्रतिभाग किया था, लेकिन टीम में चयन नहीं हो सका। इसी बीच उनकी मुलाकात सदर कोतवाली, उन्नाव के बसंत विहार शेख फार्महाउस निवासी अनुराग मिश्रा से हुई। अनुराग ने उन्हें सहारनपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष के पीएस अकरम सैफी से मिलवाया। दोनों ने 10 लाख रुपये में सौदा तय किया।
पीड़ित के मुताबिक 10 लाख देने के बाद दोनों टालमटोल करते रहे। दबाव बनाया तो भविष्य खराब करने और जान से मारने की धमकी भी देने लगे। कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और धमकी देने की धारा में अनुराग मिश्र, अनुभव मिश्र और अकरम सैफी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
घूस नहीं दी है कोर्ट की फीस
अनुराग मिश्रा ने फोन पर बताया कि सत्य प्रकाश के चाचा ने बीसीसीआई के खिलाफ कोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। उसकी फीस दी है ना की कोई घूस। बताया कि कोई धोखाधड़ी नहीं की है। सत्यप्रकाश के दो जगह के जन्म प्रमाण पत्र बने थे। इसके चलते उसे बैन कर दिया गया था।