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यूपी: भाजपा नेत्री से 50 लाख ठगने वाले पर सात दिन बाद रिपोर्ट, सचेंडी पुलिस के खिलाफ भी जांच के आदेश

Mon, 26 Jul 2021 08:30 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पुलिस को पीड़िता ने तमाम दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। दर्जनों रजिस्ट्रियां उसके घर से मिली हैं। राम मंदिर से लेकर भाजपा व संघ के नाम पर उसने करोड़ों रुपये का चंदा वसूला है।
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पूजा बंसल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ की भाजपा नेत्री पूजा बंसल से 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले विष्णु बाबू दिवाकर के खिलाफ आखिरकार सचेंडी पुलिस ने एडीजी जोन की फटकार के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़िता पिछले सात दिन से एफआईआर दर्ज कराने के लिए गुहार लगा रही थी।
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इस रवैये को लेकर एडीजी ने सचेंडी पुलिस के खिलाफ जांच भी बैठाई है। मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी पूजा बंसल भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। सचेंडी के सीढ़ी इटारा निवासी विष्णु बाबू दिवाकार ने पूजा को एक आयोग का चेयरमैन बनवाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये ठग लिए थे।

खुद को आरएसएस का राष्ट्रीय पदाधिकारी बता विष्णु ने तमाम लोगों से लाखों की ठगी की थी। सात दिन पहले पूजा ने कानपुर आउटर पुलिस को तहरीर देकर सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए थे लेकिन पुलिस मुकदमा नहीं दर्ज कर रही थी।
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एसपी आउटर हवाला दे रहे थे कि सीओ सदर अभी जांच कर रहे हैं। मामले की जानकारी एडीजी जोन भानु भास्कर को हुई। सोमवार को उन्होंने सीओ सदर से फोन पर बात की। एफआईआर में देरी पर फटकार लगाई। इसके एक घंटे के भीतर पुलिस ने विष्णु पर धोखाधड़ी, वसूली, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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गैंगस्टर लगेगा, जब्त होगी संपत्ति
पुलिस को पीड़िता ने तमाम दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। दर्जनों रजिस्ट्रियां उसके घर से मिली हैं। राम मंदिर से लेकर भाजपा व संघ के नाम पर उसने करोड़ों रुपये का चंदा वसूला है। पुलिस जांच के दौरान एक-एक परत खोलेगी। एडीजी ने आदेश दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजें।

उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं ठगी की रकम से बनाई गई अवैध संपत्ति भी जब्त होगी। इसमें उसका मकान, जमीन, गाड़ियां आदि शामिल होंगी। आरोपी पर लखनऊ में भी दो एफआईआर दर्ज हैं।

आउटर पुलिस क्यों नहीं दर्ज कर रही थी एफआईआर
पीड़ित परिवार पिछले एक सप्ताह से एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस से मिन्नतें कर रहा था। एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद सिंह को भी पूरे मामले की जानकारी थी लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही थी। केवल जांच चल रही थी। अब सवाल है कि आखिर पुलिस मामले को टाल क्यों रही थी।
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आरोपी परिवार समेत फरार, घर पर ताला 
पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपी विष्णु परिवार समेत फरार हो गया है। पहले दिन उसका परिवार घर पर था। जब पुलिस ने सात दिनों तक कार्रवाई नहीं की तो इस दौरान सभी फरार हो गए। कुल मिलाकर आउटर पुलिस ने उसे भागने का मौका दिया।

ठगी करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी पर सख्त कार्रवाई कर संपत्ति जब्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी। जितनी शिकायतें उसके खिलाफ मिलेंगी, उन सभी में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश आउटर पुलिस को दिए गए हैं।- भानु भास्कर, एडीजी जोन कानपुर

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