किदवई नगर स्थित डा.वीरेंद्र स्वरूप इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज मे अमर उजाला अपराजिता के त
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कानपुर। जब खुद को किसी मुसीबत में पाएं तो डर को मन से निकाल दें और डट कर मुकाबला करें। मन में डर रहेगा तो आत्मरक्षा की कला को सीखने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर पाओगे। परिस्थिति चाहे कैसी भी हो कभी भी हिम्मत न हारें। संकट में हेल्पलाइन नंबरों से सहायता लें। यह बातें अमर उजाला अपराजिता की ओर से शनिवार को डॉ. वीरेंद्र स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज किदवईनगर के ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षक ने कहीं।
प्राचार्या डॉ. पूनम मदान ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य प्रशिक्षक विनय श्रीवास्तव एवं भारती गुप्ता ने बीएड की छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक बताईं। उन्होंने राह चलते अचानक होने वाले हमले, छेड़छाड़ की स्थिति में तत्काल बचाव के उपाय बताए। कहा कि महिलाओं के साथ बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान हर लड़की के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान छात्राओं को हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करने के साथ सवाल जवाब किए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मिली जानकारी से उनमें डटकर लड़ने और परिस्थिति से खुद का बचाव करने का आत्मविश्वास आया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनीता शर्मा ने किया। इस दौरान डॉ. अरुणा वाजपेयी, आशा अवस्थी, डॉ. सीमा मिश्रा, आशीष यादव सहित काफी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
छात्राएं बोलीं - अब डटकर करेंगी सामना
प्रशिक्षण में सुरक्षा के लिए व्यावहारिक तकनीक की जानकारी दी गई है। इससे अब वह हर संकट का खुद मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। - शिवानी चौहान, बीएड तृतीय वर्ष
प्रशिक्षकों ने सरल और प्रभावी तकनीकों की जानकारी दी है। इससे खुद और परिजनों की सुरक्षा के लिए आत्मविश्वास बढ़ गया है। - छात्रा पूजा सिंह, बीएड प्रथम वर्ष
कार्यक्रम में मिली जानकारी ने मानसिक रूप से सशक्त किया और सीख दी कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेना बालिकाओं के लिए क्यों जरूरी है। - शिवांगी शुक्ला, बीएड प्रथम वर्ष