रेमडेसिविर इंजेक्शन पकड़े जाने का मामला
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रेमडेसिविर इंजेक्शन को बंगाल से कानपुर तक लाने वाला आरोपी व्हाट्सएप कॉल के जरिए कोलकाता में दवा कारोबारी और गिरफ्तार हुए मोहन सोनी के संपर्क में था। इसका खुलासा एसटीएम की जांच में हुआ। हालांकि पुलिस को अब तक इंजेक्शन लाने वाले शख्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
एसटीएफ ने कोलकाता के दवा कारोबारी की सीडीआर में मिले कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है। जांच में सामने आया है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन को बंगाल से वाराणसी तक कार से लाया गया था। इस दौरान उसे लाने वाला बंगाल में दवा कारोबारी शोभित मुखर्जी और कानपुर में मोहन सोनी से व्हाट्स एप कॉल से संपर्क में था।
इस कारण पुलिस को उस शख्स के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने मोहन के नंबर से शोभित मुखर्जी का नंबर पता लगाया और उसकी सीडीआर रिपोर्ट निकलवाई है। जिसमें कुछ और संदिग्ध नंबरों के बारे में जानकारी मिली है।
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक व्हाट्सएप कॉल के नंबर की जानकारी नहीं हो पाई है मगर जो संदिग्ध नंबर मिले हैं। उससे बहुत से ऐसे लोगों के बारे में पता चला है जो इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल हो सकते हैं। इन सभी की डीटेल निकलवाई जा रही है। जल्द ही शामिल अन्य लोग भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।