फर्जी तरीके से रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी करने के मामले में दो फार्मासिस्ट समेत 10 नर्सिंग स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। मामले के खुलासे के बाद कराई गई जांच दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने जीएसवीएम कालेज प्रबंधन इन पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
गुरुवार को जिलाधिकारी का आदेश मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मिल गया। इसमें दो फार्मासिस्ट नागेंद्र वाजपेयी और संजीव सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था। साथ ही सिस्टर इंचार्ज अंजुलिका मिश्रा और न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल के हर तल के दो-दो नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई का आदेश दिया गया था। सिस्टर इंचार्ज तो पहले से निलंबित हैं।
अन्य कर्मचारियों को गुरुवार रात निलंबित कर दिया गया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि शुक्रवार को कार्रवाई का ब्योरा जारी किया जाएगा। साथ ही तीन साल से एक सीट पर जमे फार्मासिस्ट और दूसरे कर्मचारियों का पटल भी बदला जाएगा। बता दें कि प्रकरण का खुलासा होने के बाद पहले हैलट की टीम ने जांच की थी, उसके बाद जिला प्रशासन की टीम ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।