कानपुर। तीन दिन पहले सिंहानिया परिवार के युवक प्रणवपत सिंहानिया को दो साल तक नशे में बंधक बनाकर रखने वाले आरोपी बिल्डरों की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) ली जाएगी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि पीसीआर के माध्यम से उन सौ कोरे कागजों की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा जिनमें बिल्डरों ने नशे की हालत में प्रणवपत से साइन कराए हैं। इसके अलावा सिंहानिया परिवार की संपत्ति से संबंधित कागजात भी बरामद कराए जाएंगे। प्रणव का आरोपियों से आमना-सामना भी कराया जाएगा। 27 अक्तूबर को कालपी रोड निवासी प्रणवपत सिंहानिया की शिकायत पर स्वरूपनगर पुलिस ने बिल्डर सुयश अस्थाना, बृजेंद्र नाथ मिश्रा और मेडिकल स्टोर संचालक श्री राम को गिरफ्तार किया था। प्रणव का आरोप था कि इन आरोपियों ने अपने 10-12 साथियों के साथ मिलकर उसे दो साल तक नशे के इंजेक्शन देकर दो होटलों में बंधक बनाकर रखा और उनकी करीब 40 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करा ली थी। बुधवार को प्रणवपत ने खुलासा किया था कि आरोपी बिल्डरों ने उनसे सौ कोरे कागजों पर भी दस्तखत कराए थे।
पुलिस को आशंका है कि रसूखदार बिल्डर उन कोरे कागजों का गलत इस्तेमाल दर्ज प्राथमिकी को झूठी साबित करने के लिए भी कर सकते हैं। ऐसे में जब तक प्रणव के साइन वाले कोरे कागज आरोपियों के पास रहेंगे पुलिसिया कार्रवाई पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे। इस कारण पुलिस ने तीनों आरोपियों की पीसीआर लेने का निर्णय लिया है। पुलिस का कहना है कि मकान और दुकान के जिन कागजात और खाली चेक पर प्रणवपत ने नशे की हालत में अपने हस्ताक्षर किए हैं वह सभी कागजात बरामद कराए जाएंगे। रॉयल क्लिफ और रीजेंटा दोनों होटलों के संचालकों को नोटिस जारी करने के लिए विधिक राय ली जा रही है। जल्द ही चौथे आरोपी अनूप अस्थाना को भी गिरफ्तार किया जाएगा।