सात प्रमुख एफटीए को अंतिम रूप दिया
पहले अमेरिका टैरिफ और बाद में अमेरिका-ईरान युद्ध से निर्यात पर खासा असर आया है लेकिन उम्मीद जताई गई है कि पिछले साल के बराबर ही निर्यात पहुंच सकता है। इसके लिए मुक्त व्यापार समझौतों ने महती भूमिका निभाई है। मार्च 2022 से जनवरी 2026 के बीच सात प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। इन समझौतों का लक्ष्य निर्यात बढ़ाना, व्यापार संबंध मजबूत करना और विदेशी निवेश आकर्षित करना है।
55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया जा चुका है
इनमें यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ईएफटीए जैसे बड़े आर्थिक क्षेत्रों के साथ हुए समझौते शामिल हैं, जिनसे व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण मार्च 2024 में हस्ताक्षरित भारत-ईएफटीए समझौता है। जुलाई 2025 में भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक व्यापार समझौता (सीईटीए) हो चुका है। इसके मई से लागू होने की उम्मीद है। जनवरी 2026 में हुए भारत-यूरोपीय संघ से एक साथ 27 देशों तक उत्पादों की पहुंच होगी। न्यूजीलैंड, ओमान के साथ हाल ही में समझौता हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया जा चुका है।
इन देशों के साथ चल रही बातचीत
भारत कई देशों और गुटों के साथ उच्च प्राथमिकता वाले मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, पेरू और इस्राइल शामिल हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन सहित एक ब्लॉक-व्यापी समझौता फ्रेमवर्क में है। यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) के साथ रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान सहित बातचीत नवंबर 2025 में शुरू हुई थी। दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के साथ समझौता की भी वार्ता की जा रही है। इससे अफ्रीकी महाद्वीप तक उत्पादों की पहुंच हो सकेगी।