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खास खबर: 55 देशों से FTA होने से राहत, कानपुर से 8126 करोड़ का निर्यात, इन देशों के साथ चल रही है बातचीत

Wed, 29 Apr 2026 10:01 AM IST
Himanshu Awasthi अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: भारत ने अब तक 55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर लिए हैं, जिससे देश के कुल निर्यात का 60% हिस्सा कवर हो रहा है। कानपुर ने भी चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में 8126 करोड़ का निर्यात कर अपनी ताकत दिखाई है। ब्रिटेन के साथ समझौता मई से लागू होने की संभावना है, जबकि अमेरिका और रूस के साथ बातचीत अंतिम दौर में है।
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निर्यात - फोटो : Istock
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विस्तार
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मुक्त व्यापार समझौते की रफ्तार देश में तेजी से बढ़ रही है। अब तक यूरोपीय यूनियन के 27 देशों समेत विश्व के 55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए जा चुके हैं। 2022 से 2026 तक सात प्रमुख व्यापार समझौते किए गए हैं। ब्रिटेन के साथ जल्द मुक्त व्यापार समझौता लागू होने वाला है। अमेरिका के अलावा विश्व के अन्य देशों के साथ समझौता पर भी वार्ता की जा रही है। अभी तक जिन 55 देशों के साथ समझौता हुआ है, इनके साथ कुल निर्यात का 60 प्रतिशत कारोबार किया जाता है।

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फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने 2014 के बाद से मुक्त व्यापार समझौतों पर तेजी से काम शुरू किया गया जिसका असर तेजी से देखा जा रहा है। कानपुर समेत देश का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। शहर के उत्पादों की पहुंच विश्व के तमाम देशों में लगातार बढ़ रही है। पिछले साल शहर से पहली बार 10400 करोड़ का निर्यात किया था। इस बार जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक 8126 करोड़ का निर्यात वैश्विक चुनौतियों के बीच किया जा चुका है।

सात प्रमुख एफटीए को अंतिम रूप दिया
पहले अमेरिका टैरिफ और बाद में अमेरिका-ईरान युद्ध से निर्यात पर खासा असर आया है लेकिन उम्मीद जताई गई है कि पिछले साल के बराबर ही निर्यात पहुंच सकता है। इसके लिए मुक्त व्यापार समझौतों ने महती भूमिका निभाई है। मार्च 2022 से जनवरी 2026 के बीच सात प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। इन समझौतों का लक्ष्य निर्यात बढ़ाना, व्यापार संबंध मजबूत करना और विदेशी निवेश आकर्षित करना है।

55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया जा चुका है
इनमें यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ईएफटीए जैसे बड़े आर्थिक क्षेत्रों के साथ हुए समझौते शामिल हैं, जिनसे व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण मार्च 2024 में हस्ताक्षरित भारत-ईएफटीए समझौता है। जुलाई 2025 में भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक व्यापार समझौता (सीईटीए) हो चुका है। इसके मई से लागू होने की उम्मीद है। जनवरी 2026 में हुए भारत-यूरोपीय संघ से एक साथ 27 देशों तक उत्पादों की पहुंच होगी। न्यूजीलैंड, ओमान के साथ हाल ही में समझौता हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 55 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया जा चुका है।
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इन देशों के साथ चल रही बातचीत
भारत कई देशों और गुटों के साथ उच्च प्राथमिकता वाले मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, पेरू और इस्राइल शामिल हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन सहित एक ब्लॉक-व्यापी समझौता फ्रेमवर्क में है। यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) के साथ रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान सहित बातचीत नवंबर 2025 में शुरू हुई थी। दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के साथ समझौता की भी वार्ता की जा रही है। इससे अफ्रीकी महाद्वीप तक उत्पादों की पहुंच हो सकेगी।
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