कानपुर। केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार 30 जुलाई को लाल इमली का उद्घाटन करेंगे। मंत्रालय से मिल के शुभारंभ की तारीख प्रस्तावित हो जाने से यहां उत्पादन शुरू करने की कवायद भी तेज कर दी गई है। मिल प्रबंधन ने संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त करने के लिए निर्धारित फीस जमा करके आवेदन कर दिया है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जुलाई के पहले सप्ताह में तीन सदस्यीय संसदीय टीम मिल का निरीक्षण करेगी। इससे पहले यहां हर तरह की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी वजह से बॉयलर इंस्पेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से इसी सप्ताह मिल का निरीक्षण कर कमियां बताने को कहा गया है। इसके साथ ही मिल परिसर में इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाने का काम शुरू हो गया है। कोशिश इस बात की है कि 15 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी की कानपुर रैली से पहले मिल की मशीनें दुरुस्त कर ली जाएं और उत्पादन शुरू कर दिया जाए। उत्पादन यदि नहीं भी हो सके तो कम से कम मशीनें इस स्थिति में हों कि कच्चा माल मिलते ही काम शुरू किया जा सके। इसके अलावा मिल के उद्घाटन से पहले प्रदूषण और फैक्ट्री एक्ट के तहत आने वाली अड़चनों को दूर कर लिया जाए। दरअसल कच्चा माल सप्लाई करने के लिए टेंडर चार जुलाई को खुलेंगे। इसके बाद कंपनी फाइनल होगी। इस वजह से मिल तक माल आने में देरी हो सकती है।
बनेगा रिवाइवल प्लान
एल्गिन मिल की जमीन लिक्विेडशन से तभी मुक्त होगी जब कपड़ा मंत्रालय की ओर से मिल चलाने के लिए कोई रिवाइवल प्लान पेश किया जाए। साथ ही ये प्लान वास्तविकता के करीब हो। हाईकोर्ट को यदि यह प्लान ठीक लगा तभी वह मिल की संपत्ति की नीलामी नहीं करेगा। यदि ऐसा होता है तो मिल चलाने के लिए प्लान बाइफर में जाएगा। इसके बाद आगे की चीजें तय होंगी।
दो प्लानों पर चर्चा
बीआईसी के सूत्र बताते हैं कि एल्गिन मिल का रिवाइवल प्लान दो तरह से बनाने पर चर्चा हुई है। पहला ये कि मिल की कुछ संपत्ति बेचकर उसका धन यहां मशीन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाया जाए और मिल चलाई जाए। यदि ये संभव न हुआ तो केंद्र सरकार की ओर से यहां इंटीग्रेटेड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाया जा सकता है।