जबरन किए जा सकते हैं सेवानिवृत्त, आय से अधिक संपत्ति का भी मामला बन सकता
17 जून को लखनऊ आयकर की टीमों ने गोल्डन बास्केट फर्म के संचालक अंचित मगलानी, प्रतिभा यादव के आर्य नगर स्थित कार्यालय, गोदाम और दो अन्य प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। अंचित से मिले लिंक के आधार पर 18 जून को उपायुक्त उद्योग राजेश यादव के घर पर छापा मारा गया था।
इनके यहां 10 से ज्यादा प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। इसके बाद से जांच जारी है। ये संपत्तियां परिवारीजनों के नाम खरीदी गईं। अब दस्तावेज बेनामी विंग भेजे जाएंगे। आय से अधिक संपत्ति होने के सबूत भी मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच के बाद उपायुक्त उद्योग को जबरन सेवानिवृत्त भी दी जा सकती है।
मोबाइल ने खोले थे राज, कई अफसरों को देता था काली कमाई
अंचित के यहां कार्रवाई के बाद आयकर अफसरों ने उपायुक्त उद्योग के कंपनी बाग चौराहा स्थित बंगले पर छापा मारा था। उनका मोबाइल भी जब्त किया था। मोबाइल चैटिंग से पता चला था कि राजेश सिंह यादव कई अफसरों के साथ मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगा था। अंचित के परिजनों के नाम पर बनी छह फर्मों के जरिये कागजों पर टूल किट खरीदी जा रही थी।