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भारत को जानना है तो स्वामी विवेकानंद को पढ़ें

Fri, 13 Jan 2017 08:16 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में धूमधाम से मनाई गई विवेकानंद जयंती - फोटो : अमर उजाला
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12 जनवरी 1863 में कोलकाता में जन्में स्वामी विवेकानंद के कार्यों से कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन होगा। 1893 में शिकागों में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी जी ने हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व कर पहचाना दिलाई। गुरुदेव रवीनंद्र नाथ टैगोर ने लिखा है कि भारत को जानना है तो स्वामी विवेकानंद को पढ़ें। 
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गुरुवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें याद किया गया। भाजपा ने नवीन मार्केट कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि विवेकानंद ने युवाओं की सोच बदल दी है। उनके दिखाये मार्ग पर चलकर लोग अपना बेहतरीन भविष्य बना रहे हैं। पार्वती देवी सुमेरा देवी सेवा संस्थान न्यास ने केशवपुरम रावतपुर गांव स्थित कार्यालय में विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। स्वामी विवेकानंद सार्वभौमिक संस्थान ने सिविल लाइन स्थित कार्यालय में स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व को अपने जीवन में उतराने की बात कही गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कानपुर यूनिवर्सिटी, डीएवी कॉलेज, छात्र शकित भवन बेनाझाबर में स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाई। नगर मंत्री अमन प्रधान, तरुण पाजपेई सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने की बात कही। नगर मंत्री अमन प्रधान ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के नाम मात्र से ही शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। इसमें सुजीत, शैलेष, अंकित, वीरेंद्र प्रताप सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 
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