इससे परेशान युवती मंगलवार सुबह प्रेमी से मिलने आठ किलोमीटर पैदल चलकर उसके घर पहुंच गई। युवक के परिजनों ने युवती के घरवालों को जानकारी दी। माता-पिता ने पुत्री को समझाया, लेकिन वह घर जाने को तैयार नहीं हुई और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया, जिसके बाद दोनों परिवार शादी को राजी हो गए। बुधवार सुबह दौलत धाम मंदिर में शादी की रस्में पूरी की गई और बिना बैंड बाजा व बरात के शादी हो गई। चौकी प्रभारी राममनोज द्विवेदी ने बताया कि मामला संज्ञान आया था। दोनों बालिग हैं।