सड़क एवं परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की फीस को बढ़ा दिया है। अब 1 अप्रैल से इन पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन कराने की फीस आठ गुना तक बढ़ा दी गई है। साथ ही फिटनेस फीस व टैक्स में भ्री वृद्धि की गई है।
एक अप्रैल से वाहनों की फिटनेस, रजिस्ट्रेशन फीस व टैक्स बढ़ जाएगा। 15 वर्ष पुराने वाहनों का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने पर आठ गुना फीस देनी होगी। केंद्रीय मोटरयान नियम-2021 में किया गया संशोधन पहली अप्रैल से लागू हो रहा है।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण, फिटनेस फीस बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर सभी प्रदेश सरकारों को भेजा गया था। अब इसे अमल में लाने की तैयारी हो चुकी है। 15 वर्ष पुराने निजी व कामर्शियल वाहनों का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना काफी महंगा हो जाएगा।
अभी 15 वर्ष पुरानी निजी कार के दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की फीस 600 रुपये, कामर्शियल वाहन की फीस 1000 रुपये, 15 वर्ष पुराने दो पहिया वाहन की फीस 300 रुपये है। अब कार का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने पर लगभग 4800 रुपये फीस देनी होगी।
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इसके साथ ही ग्रीन टैक्स भी देना होगा। दो पहिया वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1400 रुपये फीस और ग्रीन टैक्स देना होगा। वाहनों की फिटनेस फीस में भी कई गुना वृद्धि होगी। वर्तमान में निजी आठ सीटर कार की फिटनेस फीस 600 रुपये, टैक्सी की 800 रुपये, भारी वाहन की 1200 रुपये है।
पुराने वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने के नए नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं। 15 वर्ष पुराने वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने पर अधिक फीस देनी होगी। फिटनेस फीस व टैक्स में भी वृद्धि होगी। - सुधीर कुमार वर्मा, एआरटीओ, प्रशासन