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Hamirpur: नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म का मामला, दोषी को 20 वर्ष का कारावास, 30 हजार का अर्थदंड भी

Fri, 28 Jul 2023 05:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

Hamirpur Crime: मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी रामबाबू मिश्रा को 20 वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमीरपुर जिले में अपनी सगी नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने के चार साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी ताऊ को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कीर्तिमाला सिंह ने दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है।

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विशेष लोक अभियोजक रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी स्कूल की वार्डेन ने पुलिस को पांच जुलाई 2019 को दी तहरीर दी थी। इसमें बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद एक जुलाई को जब विद्यालय खुला, तो छात्रावास में रहने वाली कक्षा सात की छात्रा (पीडिता) अपने घर से वापस आई थी।
वह पिछले तीन-चार दिनों से कमजोर व अस्वस्थ दिखाई पड़ी। जब उससे पूछताछ की, तो पाया कि उसको उल्टी आ रही और पेट के निचले हिस्से में सूजन व दर्द बता रही है। उसको चलने फिरने भी दिक्कत है। तब उसने और उसकी सहकर्मी ने पीड़िता से पूछताछ की, तो उसने रोते हुए पूरी घटना सुनाई।

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एक वर्ष से बना रहा था शारीरिक संबंध
बताया कि पिछले एक वर्ष से उसका सगा दादा रामबाबू मिश्रा (पिता का बड़ा भाई) उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा है। उसी के चलते उसकी यह हालत हुई है। पुलिस ने तहरीर व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर छह पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
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20 वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार का अर्थदंड
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी रामबाबू मिश्रा को 20 वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर के रुप में दिए जाने का आदेश दिया है।
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