रनियां (कानपुर देहात)। घर में चार पहिया वाहन और पक्का मकान होने के बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष बिटान दिवाकर के नाम से पात्र गृहस्थी राशन कार्ड है। जांच में खुलासा होने के बाद जिला पूर्ति विभाग ने उनका कार्ड निरस्त कर दिया है।
रनियां को 31 दिसंबर 2019 में नगर पंचायत का दर्जा मिला। बिटन दिवाकर यहां की पहली नगर पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। वर्तमान में उनके घर पर दो चार पहिया गाड़ी, पक्का मकान है। इसके बाद भी उनके नाम पात्र गृहस्थी का कार्ड था। इधर शासन के पोर्टल पर दर्ज विभिन्न विभागों की सूचनाओं के आधार पर 28, 730 अपात्र मिले हैं। इस बीच चेयरमैन के पास गाड़ी, पक्का मकान होने के बाद भी पात्र गृहस्थी कार्ड होने की जानकारी विभाग को दी गई। इस पर अकबरपुर के पूर्ति निरीक्षक सत्येंद्र सिंह से डीएसओ ने जांच कराई। जांच में उन्हें वर्तमान में अपात्र पाया गया है। इसके बाद चेयरमैन के नाम से जारी कार्ड को निरस्त कर दिया गया है।
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राशन न लेने पर होल्ड हो जाता है कार्ड
राशन कार्ड होने के बाद राशन लेने में कई नियम हैं। पात्रता जांचने के लिए समय-समय पर जांच की जाती है। इसके साथ ही ई-केवाईसी भी कराई जाती है। विभाग के नियमों की बात करें तो छह माह व उससे अधिक समय तक राशन न लेने पर कार्ड को होल्ड कर दिया जाता है। इसके अलावा नियमित खाद्यान लेने वालों के कार्ड एक्टिव रखे जाते हैं। चेयरमैन का कार्ड एक्टिव होने से यह भी साफ है कि उनके कार्ड से राशन लिया जा रहा था।
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बयान..
पात्र गृहस्थी का कार्ड करीब 15 वर्ष पहले बना था। इस श्रेणी की पात्रता में आज भी आते हैं। दोनों चार पहिया वाहन व पक्का मकान जेठ के नाम से है। - बिटान दिवाकर, चेयरमैन, रनियां नगर पंचायत
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चेयरमैन के पात्र गृहस्थी कार्ड को लेकर जांच अकबरपुर के पूर्ति निरीक्षक से कराई गई है। पूर्ति निरीक्षक ने मार्केट के पीछे पक्का मकान होने, घर पर एक थार, एक बुलेरो गाड़ी होने की रिपोर्ट दी है। वर्तमान में बिटान दिवाकर अपात्र पाई गईं हैं। इस पर उनका पात्र गृहस्थी कार्ड निरस्त कर दिया गया है। - अभिषेक कुरील, जिला पूर्ति अधिकारी
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गरीबों के हक का राशन उठा रहे 28, 730 अपात्र, निरस्त होंगे कार्ड
कानपुर देहात। राशन कार्ड बनवाने के लिए पात्र भटक रहे हैं। उनके स्थान पर अपात्र राशन उठा रहे हैं। कई बार सत्यापन कराया गया पर स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं हो पाया। शासन के पोर्टल पर दर्ज विभिन्न विभागों की सूचनाओं के आधार पर जब जांच हुई, तो 28730 अपात्र मिले हैं। अब इनके कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनपद में 3,49,160 राशन कार्ड धारक हैं। जिसमें 2,98,013 पात्र गृहस्थी और 51,147 अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं। इनमें 11256 तो ऐसे हैं जोकि लखपति हैं, तो 2085 लोग ऐसे हैं जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है। अब इन राशन कार्ड धारकों का स्थलीय सत्यापन कर उन्हें निरस्त करने की कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। इन अपात्रों के नाम हट जाने से पात्रों को मौका मिल जाएगा।
राशन कार्ड के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लिए मानक निर्धारित है। शहरी क्षेत्र में पात्र गृहस्थी के लिए तीन लाख और ग्रामीण क्षेत्र के राशन कार्ड धारक की वार्षिक आय दो लाख से कम होना जरूरी है। अपात्र कार्ड धारकों को पकड़ने के लिए वैसे तो कई बार जांच की गई, लेकिन, यह पकड़ में नहीं आ रहे थे। विभाग के अनुसार सरकार की ओर से पोर्टल पर दर्ज विभिन्न विभाग से प्राप्त विवरण के आधार पर ऑनलाइन सत्यापन किया गया। इसमें शासन की तरफ से सूची तैयार की गई, तो जनपद में 47423 कार्ड धारक अपात्र मिले। इसी के आधार पर स्थानीय स्तर पर जांच किए जाने के बाद विभाग ने 28730 को अपात्र पाया है। जबकि 18693 के नाम पहले ही हटाए जा चुके हैं।
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इस प्रकार मिले अपात्र
मानक - शासन से जारी सूची- जांच के बाद
- दो लाख से अधिक वार्षिक आय वाले-9772- 8973
- तीन लाख से अधिक वार्षिक आय वाले-2484- 2283
- जीएसटी टर्नओवर 25 लाख से अधिक- 42-37
- विभिन्न संस्थाओं के निदेशक-718- 718
- डुप्लीकेट राशन राज्य में- 1166-1166
- डुप्लीकेट अन्य राज्य में- 49-49
- 100 वर्ष की आयु के ऊपर- 129-51
- 12 माह से अधिक राशन न लेने वाले-4847- 986
- 6-12 माह तक राशन न लेने वाले- 9697-6763
- 18 साल से कम आयु वाले- 2-1
- पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले-2189-2085
- जिनके संदिग्ध मिले आधार- 10563-187
- भार वाहन के स्वामी- 19-18
- मोटर साइकिल वाले- 5716-5385
- चार पहिया वाहन वाले- 16-15
- अन्य वाहन वाले- 14-13