शुक्रवार को जगदगुरू रामभद्राचार्य ने कन्नौज में प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर बड़ी भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि इसी साल 6 दिसंबर 2018 से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। यदि कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में नहीं आया तो संसद में बहुमत है, प्रस्ताव पास कर निर्माण कराएंगे लेकिन निर्माण होगा।
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जगदगुरू रामभद्राचार्य
शुक्रवार को कन्नौज पहुंचे जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने राम मंदिर और एससी/एसटी एक्ट मामले पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिल्कुल सही है। निर्दोश न फसें इसीलिए न्यायपालिका ने ये फैसला दिया है। देश के तमाम राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति करते हैं।
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जगदगुरू रामभद्राचार्य
इसी वजह से सरकार ने रिव्यू दाखिल किया था। केंद्र सरकार को ये डर था कि अगर रिव्यू दाखिल नहीं करेगी तो दलित वोट उनके हाथ से खिसक जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 6 दिसम्बर 2018 से पहले राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य
उन्होंने कहा कि यदि ठीक से रामकथा सुनाई जाए तो जीवन जरूर धन्य होता है। मेरे बाबा ने मुझे सुनाया था। उन्हीं की अनुकंपा और भगवान की कृपा तथा अवध की माटी के आशीर्वाद ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। रामभद्राचार्य राममंदिर की ओर भी केंद्रित हुए। उन्होंने कहा छह दिसंबर 2018 के पहले अयोध्या में भव्य राममंदिर बनकर तैयार होगा। समय की प्रतीक्षा करें, सब कुछ ठीक हो जाएगा।
राम मंदिर निर्माण के समाधान का फार्मूला तैयार हो चुका है। यदि सर्वोच्च न्यायालय निर्णय नहीं देता है, तब संसद में कानून पारित करा मंदिर निर्माण कराया जाएगा। हालांकि उन्होंने दावा भी किया कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्र के सेवानिवृत्त होने से पहले मंदिर-मस्जिद विवाद का निर्णय हो जाएगा।