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Kanpur News: 17 बीघा जमीन के लिए चार साल पहले घर के दरवाजे पर ही कर दी गई थी राजाराम की हत्या

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कानपुर। बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर चार साल पहले हुआ अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 17 बीघा जमीन के लिए घर के दरवाजे पर ही राजाराम की शूटरों ने हत्या कर दी थी।
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नवाबगंज गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी निवासी आईआईटी के पूर्व रजिस्ट्रार और अधिवक्ता राजाराम वर्मा की 22 दिसंबर 2021 की रात दरवाजे के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के 72 घंटे बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से बिठूर फत्तेपुर निवासी हत्या कराने का ठेका लेने वाले अंकित यादव और चौबेपुर निवासी दो शूटर दिलनाज और रोहित को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में सामने आया था कि नवाबगंज निवासी प्रापर्टी डीलर रामखिलावन से राजाराम का एनआरआई सिटी की 17 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके लिए प्रापर्टी डीलर ने पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस हत्या के मास्टरमाइंड प्रापर्टी डीलर रामखिलावन की तलाश कर रही थी जो कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार्जशीट भी कोर्ट भेज दी थी लेकिन राजाराम के बेटे नरेंद्र देव को विवेचना पर आपत्ति थी। उसका कहना था कि हत्याकांड की साजिश रचने वालों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर मुकदमे की अग्रिम विवेचना के आदेश हुए थे। इसी मामले में पुलिस ने शनिवार को अधिवक्ता राकेश तिवारी समेत तीन को हिरासत में लिया और पूछताछ कर रही है।

माना जाता है कि राजाराम वर्मा की करीब 150 करोड़ रुपये कीमत की जमीन है। वर्ष 2003-2004 में जब एनआरआई सिटी डेवलप हो रही थी तो राजाराम के ऊपर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया। रुपये का लालच दिया गया लेकिन राजाराम ने जमीन नहीं बेची। इस पर वर्ष 2021 में उनकी हत्या कर दी गई।
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