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Kanpur News: लखनऊ भागने की फिराक में थे एनआरआई सिटी के दोनों निदेशक

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कानपुर। चार साल पुराने राजाराम वर्मा हत्याकांड में अग्रिम विवेचना के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एनआरआई सिटी के दोनों निदेशक एसके पॉलीवाल और राजेश गुप्ता पूछताछ से बचने के लिए शहर छोड़कर लखनऊ भागने की तैयारी में थे। इसी बीच क्राइम ब्रांच ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
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शनिवार शाम क्राइम ब्रांच ने बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को भी पूछताछ के लिए उठाया। तीनों को नवाबगंज थाने ले जाया गया। देर रात तक पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की मौजूदगी में पूछताछ चलती रही। पुलिस का कहना है कि अग्रिम विवेचना में तीनों के खिलाफ कुछ अहम साक्ष्य सामने आए हैं जिनकी पुष्टि के लिए पूछताछ जरूरी थी।

बता दें कि नवाबगंज के गंगानगर सहकारी आवास समिति निवासी राजाराम वर्मा की 22 दिसंबर 2021 को घर के दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के बेटे नरेंद्र देव ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दिसंबर 2025 में उन्होंने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर हत्या में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई थी जिसके बाद अग्रिम विवेचना के आदेश दिए गए।
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सूत्रों के अनुसार अग्रिम विवेचना के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, एनआरआई सिटी के निदेशक एसके पॉलीवाल और राजेश गुप्ता के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए तलब किया। इसी दौरान यह भी सामने आया कि दोनों निदेशक शहर छोड़कर फरार होने की तैयारी में थे। इधर, बार एसोसिएशन के महामंत्री अमित सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि राकेश तिवारी को नहीं छोड़ा गया तो सोमवार से अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और कचहरी में पुलिस का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।

कोट:
अग्रिम विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की जा रही है। कुछ सवालों के जवाब मिले हैं। कई बिंदुओं पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पूछताछ आगे भी जारी रहेगी।
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-रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
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