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बारिश का कहर : दो दिन में तीन मासूमों की मौत, 40 घर ढहे

Fri, 04 Sep 2026 01:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। तीन दिन से हो रही बारिश आफत लेकर आई है। गांवों में कच्चे घरों में गुजर-बसर कर रहे लोगों के सिर से छत छिन रही है। वहीं, मलबे की चपेट में आकर दो दिन में तीन मासूमों की मौत हो चुकी है जबकि छह लोग घायल हो चुके हैं। बारिश में अब तक 40 कच्चे घर ढह चुके हैं।
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लगातार हो रही बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी कच्चे घर में रहने वाले लोगों के सामने खड़ी हो गई है। किसी का छप्पर गिर गया तो किसी के छत और दीवार, ऐसे में लोगों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन शीघ्र मदद का दावा कर रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह आठ बजे से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक अकबरपुर तहसील में 15 मिमी, भोगनीपुर में 18 मिमी, सिकंदरा में 10 मिमी, मैथा में 13 मिमी और डेरापुर व रसूलाबाद में 6-6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस तरह सभी तहसीलों को मिलाकर जिले में औसतन बारिश 11.33 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
लगातार हो रही बारिश से रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में पांडु नदी का जल स्तर बढ़ा है। नदी का पानी ओवरफ्लो होकर पलिया बासखेड़ा गांव तक आ पहुंचा है। इससे गांव के किनारे कई घर पानी से घिर गए हैं। वहीं, बृजलाल पुत्र शिवलाल का घर पानी से घिर जाने से राजस्व कर्मियों ने परिवार को सुरक्षित निकाल कर परिवार के दूसरे भाई के घर पर शिफ्ट कराया। पांडु नदी के उफान की जानकारी पर बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार, उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार, तहसीलदार पंकज उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार और लेखपाल कोमल समेत राजस्व टीम मौके पर पहुंची।
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अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर नदी के जलस्तर और जलभराव की स्थिति की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से पलिया-बांसखेड़ा प्राथमिक विद्यालय और पुलिस चौकी को आवश्यकता पड़ने पर राहत केंद्र के रूप में तैयार रखा गया है। गांव में फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं पाई गई कि बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को राहत केंद्र में स्थानांतरित करना पड़े। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई।
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फोटो-09- रायपुर बिजली घर में पावर ट्रांसफार्मर के नीचे भरा पानी। संवाद
फोटो-10- बारा में मीटर कार्यालय के बाहर भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-11- रनियां के उद्योग केंद्र परिसर में भरा बारिश का पानी। संवाद
पॉवर ट्रांसफार्मर की प्लिंथ तक भरा पानी, आपूर्ति बंद होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रनियां। लगातार हो रही बारिश से रनियां और न्यू रनियां विद्युत उपकेंद्रों के यार्ड में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। पानी बढ़ते-बढ़ते पावर ट्रांसफार्मर की प्लिंथ तक पहुंच गया है। ऐसे में यदि जलस्तर और बढ़ा तो सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ सकती है। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रनियां बिजली घर, न्यू रनियां बिजली घर और रायपुर बिजली घर में करीब 12 हजार कनेक्शन है। वहीं, तीनों बिजली घरों से 750 उद्योग जुड़े हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से से रायपुर बिजली घर, रनियां बिजली घर और न्यू रनियां बिजली घर और वहीं, बारा परीक्षण खंड कार्यालय परिसर के बाहर भी बारिश का पानी भरने से तालाब जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति यह है कि पावर ट्रांसफार्मर प्लिंथ में पानी भर गया है। बिजली आपूर्ति बंद होने की संभावना है। कार्यालय के बाहर पानी जमा होने के कारण उपभोक्ताओं का वहां पहुंचना मुश्किल हो गया है। मीटर संबंधी समस्या या अन्य विद्युत शिकायत दर्ज कराने आने वाले लोगों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है।
नवीन शुक्ला, धीरू सिंह, मलखान सिंह ने बताया कि पहले रनियां बिजली घर नीचे था तब तालाब जैसा नजारा हो जाता था। बारिश के दौरान जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से हर बार यही स्थिति बनती है। इस संबंध एसडीओ विकास सोनी ने बताया कि पुराने बिजली घर होने के कारण निचले स्तर बने हुए हैं। आसपास मकान ऊंचे हो चुके हैं। जल निकासी की सुविधा नहीं है। पावर ट्रांसफार्मर प्लिंथ में पानी भरने से विद्युत आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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जिला उद्योग केंद्र परिसर में भरा पानी
रनियां। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने जिला उद्योग केंद्र कार्यालय के परिसर की व्यवस्था बिगाड़ दी। परिसर में जलभराव होने के कारण सिलाई किट लेने पहुंची महिलाओं वापस लौटना पड़ा। सोमवार को किट का सामान वितरण किया जाएगा। जलभराव होने पर कार्यालय के सफाई कर्मियों ने पानी निकाला। इसके बाद भी जलभराव बना रहा। इधर बृहस्पतिवार को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण के बाद सिलाई किट लेने पहुंची महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। जलभराव होने के कारण वापस कर दिया गया है। सोमवार को किट देने की बात कही गई है। उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव ने बताया कि अधिक बारिश के कारण कार्यालय और परिसर में जलभराव होने से किट का वितरण नहीं हुआ है। दो दिन अवकाश के बाद बुलाया गया है। (संवाद)
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फोटो-14- सजावरपुर में सड़कों पर भरा पानी। संवाद
सजावारपुर में ओवरफ्लो हुआ तालाब, सड़कों पर पानी
- नालों की सफाई न होने से जलनिकासी ठप, ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रसूलाबाद। क्षेत्र के सजावारपुर में लगातार जलभराव की समस्या से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बारिश में गांव का तालाब ओवरफ्लो हो गया है, इससे पानी सड़कों पर भर गया है। ग्रामीणों ने जल निकासी की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नालों की लंबे समय से समुचित सफाई नहीं कराई गई है। नाले गंदगी और मिट्टी से पटे होने के कारण तालाब व बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा गांव के लोगों को उठाना पड़ रहा है। जलभराव के चलते सड़कें कीचड़युक्त हो गई हैं और बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण अखिलेश तिवारी, गोपाल, महेश बाबू प्रजापति, कमलेश प्रजापति, कपिल ने बताया कि गांव में जलनिकासी की समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। तालाब का पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने जल्द नालों की सफाई कराकर पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जलभराव और बढ़ सकता है तथा कई घरों में पानी घुसने की स्थिति बन सकती है। खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह ने बताया कि सजावारपुर में जलभराव की समस्या की जानकारी उन्हें मिली है। ग्राम सचिव को जल्द मौके पर पहुंचकर नालों की सफाई कराने और तालाब के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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