कानपुर देहात। समूह की 28 महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण पूरा होने पर बृहस्पतिवार को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अब यह महिलाएं स्वयं का कारोबार शुरू कर सकेंगी। इसके लिए इन्हें सीसीएल के तहत 1.5 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 10 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। इसके अलावा एनआरएलएम विभाग मिशन की तरफ से मिले लक्ष्य के अनुसार 14 हजार नए समूह गठित करने के लिए अभियान चला रहा है। साथ ही समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को प्रशिक्षित कर कारोबार करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि अलग-अलग समूह से जुड़ने वाली 35 महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई (महिला वस्त्र दर्जी) का कारोबार शुरू करने की इच्छा जताते हुए प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया था। इन्हें ट्रेनर पुनीता देवी ने 31 दिवसीय प्रशिक्षण देकर तैयार किया है। समापन के अवसर पर जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश अग्निहोत्री ने सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षक निखिल मिश्रा, योगेंद्र, हर्षित, रोहित, शिवम व अन्य मौजूद रहे।
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बयान........
समूह की महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए सीसीएल के तहत मिलने वाले ऋण के अलावा अगर जरूरत होती है, तो सीएम उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कराने में सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल करना है। - मयंक कटियार, निदेशक, आरसेटी