इस लिहाज से स्टेशन पर पानी के पर्याप्त बूथ नहीं है। ट्रेन के स्टॉपेज समय में एक टोटी से एक या दो यात्री ही पानी भर पाते हैं। एक वाटर बूथ पर 16 से 20 नल होते हैं। स्टेशन पर पेयजल संकट की वजह से ही पानी की अवैध वेंडिंग शुरू हुई है। रविवार को कालका मेल, पुरी, मुरी, एलटीटी सहित आधा दर्जन ट्रेनों में सेंट्रल पर पानी भरा गया।
रेलवे स्टेशनों पर पंखे चलने लगे हैं। फ्रीजरों की मरम्मत भी हो गई है। 15 अप्रैल से चालू कराने के निर्देश हैं। हालांकि, इस संबंध में मंडल के उच्चाधिकारियों से बात कर इन्हें पहले चालू कराने की कोशिश की जाएगी। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, डिप्टी सीटीएम, कानपुर