बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका
कुछ समय से फर्म के कारोबार पर निगाह रखी जा रही थी। फर्म के पुराने रिटर्नों का डाटा फिल्टरेशन किया गया। सप्लाई चेन चेक करने के बाद बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका पर कार्रवाई की गई। सूत्रों ने बताया कि बोगस इंट्री के जरिए काली खपाई को एक नंबर का बनाया जा रहा था। किसी दूसरे नाम के व्यक्ति को माल सप्लाई करके चेक के जरिए भुगतान करना दिखाया जाता था, जो हकीकत में नहीं था।
70 करोड़ की लग्जरी कारें, 4.5 करोड़ नकदी और 2.5 करोड़ के जेवर बरामद
शहर से दिल्ली और गुजरात कारोबार शिफ्ट कर चुके तंबाकू कारोबारी के प्रतिष्ठानों पर दूसरे दिन शुक्रवार को भी आयकर की जांच चल रही है। इस दौरान आयकर टीमों को 4.5 करोड़ की नकदी और 2.5 करोड़ के जेवर मिले हैं। इसी के साथ रोल्स रॉयस फैंटम, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, मिर्सिडीज, मैकलॉरेन, पोर्शे कारें मिली हैं। इनकी कीमत 70 करोड़ से ज्यादा है।
फैक्टरी की फंडिंग के बारे में भी जांच चल रही
सौ करोड़ से ज्यादा की कर चोरी का अनुमान है। फर्म कागजों पर 25-30 करोड़ का टर्नओवर दिखा रही थी, जबकि जांच में सौ करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर का पता चला है। विदेशी लग्जरी कारों का काफिला मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। इन कारों को खरीदने के लिए कहां से धन आया, इसकी अलग से पूछताछ की जा रही है। इसी के साथ गुजरात के ऊंझा में लगाई गई फैक्टरी की फंडिंग के बारे में भी जांच चल रही है।
कच्चे पर्चे बाद में फाड़ देने की आशंका
अफसरों से पूछताछ में पता चला है कि कच्चे पर्चे पर काम होता मिला है। ये कच्चे पर्चे बाद में फाड़ देने की आशंका है। आयकर के 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमों ने गुरुवार दोपहर बाद वंशीधर श्रीराम फर्म के रामगंज-नयागंज स्थित कार्यालय, शक्करपट्टी स्थित होटल, आर्यनगर स्थित आवास के साथ ही यहीं पर बने तीन प्रतिष्ठानों और दिल्ली के वसंत विहार स्थित आवास, गुजरात के ऊंझा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था।
फर्म का पंजीयन कानपुर से चल रहा है
सूत्रों के अनुसार, रामगंज में कारोबारी का पुराना कार्यालय है। पहले कारोबारी आर्यनगर में रहते थे। सालों पहले वह दिल्ली चले गए और कारोबार अहमदाबाद शिफ्ट कर दिया। ये सभी प्रमुख पान मसाला कारोबारियों को बड़े पैमाने पर तंबाकू सप्लाई करते हैं। दिल्ली स्थित आवास से 4.5 करोड़ की नकदी मिली है। फर्म के संचालक मुन्ना मिश्रा हैं, उनका बेटा शिवम मिश्रा कारोबार देखता है। बेटे के आवास से विदेशी लग्जरी कारें मिली हैं। कानपुर से कारोबार शिफ्ट होने के बाद भी फर्म का पंजीयन यहीं से चल रहा है।