कानपुर देहात। ब्लाक अमरौधा में दिबैर की मड़ैया गांव के पास सुनाव नाला पर एक करोड़ से बनाए गए सात मीटर चौड़े और दस मीटर लंबे पुल के एप्रोच मार्ग पर रेलिंग नहीं बनाई गई है। बुधवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सुरक्षा के लिए रेलिंग बनाने की मांग की। आरोप लगाया कि ठेकेदार ने पुल के ऊपर मौरंग आदि बिखरी छोड़ दी है। हादसे का खतरा बना है।
दिबैर की मड़ैया गांव के पास से निकले सुनाव नाला पर फरवरी में पुल निर्माण शुरू होने पर लोग बेहद खुश हुए। मार्च में पुल बनाकर ठेकेदार ने सामान समेट लिया। पुल के एप्रोच रोड के किनारों पर रेलिंग नहीं बनाई गई। सुरक्षा रेलिंग नहीं होने से हादसे का खतरा बता बुधवार को ग्रामीणों ने रेलिंग बनाने की मांग कर प्रदर्शन किया। दिबैर गांव के श्रीधर, हरिश्चंद्र, ईश्वर प्रसाद, कमल सिंह, विनोद कुमार व सोबरन सिंह ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों तरफ आधा-आधा किमी डामरीकृत सड़क बनाकर नाला पर बने पुल को जोड़ा गया है। पुल के बगल में एप्रोच रोड पर पांच फीट लंबाई में रेलिंग की जरूरत है। रेलिंग न होने से कभी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां से खरका, जरी, किशनपुर, खरतला, रामपुर, स्वरूपपुर, दिबैर, दिबैर की मड़ैया, कथरी आदि गांवों के लोग अमरौधा आते जाते हैं।
दूरी घटी पर खतरा बरकरार
कानपुर देहात। दिबैर की मड़ैया के बलराम, श्याम बाबू व रमेश चंद्र ने बताया कि नाला पर पुल बनने से नौ गांवों की 30 हजार आबादी को अमरौधा जाने में 30 किमी का चक्कर बचा है। इन गांवों से लोग ट्योगा क्योटरा होकर आठ किमी दूरी तय कर अमरौधा पहुंच रहे हैं। वहीं रेलिंग न होने से खतरा बरकरार है।
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मार्च में पुल बनकर तैयार हुआ है। पुल पर रेलिंग बनाई गई है। पुल के एप्रोच रोड पर पांच फीट लंबाई में लोग रेलिंग की मांग कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बुद्ध विलास विश्वकर्मा, जेई, लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-1
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