डीएम चौराहा पर शव रखकर जमा लगाए परिजनाें को हटाती पुलिस व मौजूद अधिकारी
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शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के पेढ़ाता में सोमवार को विवाहिता की फंदा लगाकर हुई मौत के मामले में मंगलवार को मायके वालों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर आए मायके वालों ने डीएम चौराहा पर कार्रवाई की मांग करते हुए सवा घंटे तक सड़क जाम रखी। हरियाणा के सिरसा से पहुंचे मृतका के भाइयों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के बाद हत्या करने का आरोप लगाया। मायके वालों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने पति और ससुर को हिरासत में ले लिया।
बघौली थाना क्षेत्र के अनवरखेड़ा मजरा विक्टोरिया गंज चौंसा निवासी रामचंद्र की बेटी सपना (30) की शादी करीब छह साल पहले शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के पेढ़ाता निवासी धीरज से हुई थी। उसके दो छोटे बेटे हैं। सोमवार दोपहर सपना का शव घर के अंदर साड़ी के फंदे से लटका मिला था। मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद करीब चार बजे पति धीरज, ससुर राम सिंह और अन्य परिजन शव लेकर शाहाबाद जा रहे थे।
डीएम चौराहे के पास हरियाणा से पहुंचे सपना के भाई आलोक, कुलदीप, सनी, प्रदीप और अन्य परिजनों ने पिकअप रोक ली। उन्होंने शव नहीं दिखाने और लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रख दिया। सूचना पर सदर तहसीलदार सचिंद्र शुक्ला, सीओ सिटी अजीत सिंह, शहर कोतवाल संजय त्यागी और देहात कोतवाल समर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। समझाने पर आलोक ने पति धीरज, ससुर राम सिंह, देवर हर्षित और सास सीता देवी के खिलाफ तहरीर दी। शाहाबाद कोतवाल अरविंद कुमार राय को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने पति धीरज और ससुर राम सिंह को हिरासत में ले लिया। सीओ सिटी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सबसे छोटी बहन की मौत से बदहवास हुए भाई
सपना अपने सात भाई बहनों में सबसे छोटी थी। अपनी छोटी लाडली बहन के शव को देखकर भाई बदहवास हो गए। सपना वैसे तो बघौली थाना क्षेत्र के विक्टोरिया गंज की रहने वाली थी लेकिन उसके चारों भाई हरियाणा के सिरसा में मजदूरी करते हैं। बहन की मौत की सूचना पाते ही सभी भाई दोपहर में ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। आरोप है कि ससुरालवालों ने शव को देखने भी नहीं दिया और लेकर जा रहे थे। डीएम चौराहे पर उन्होंने पिकअप पकड़ ली। हादसे में चारों भाई के अलावा दोनों आरती और ममता भी छोटी बहन सपना की मौत से बदहवास होती दिखी। भाई प्रदीप तो काफी देर तक सड़क पर बेहोश पड़ा रहा।