न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा
राजेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अगले दिन उनकी मौत हो गई थी। इसकी सूचना जब कचहरी पहुंची, तो अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया था। बुधवार को बार व लॉयर्स एसोसिएशन ने संयुक्त बैठक की और 27 व 29 तारीख को न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी थी। 28 मार्च को रमजान का आखिरी शुक्रवार है।
कार्यालय व तहसील का भी कामकाज ठप
इस कारण अदालतों में अवकाश रहेगा और सोमवार को ईद का अवकाश होने की संभावना है। इसके चलते अब मंगलवार से ही कचहरी में न्यायिक कार्य हो सकेगा। आक्रोषित अधिवक्ताओं ने गुरुवार सुबह से ही कचहरी के आसपास स्थित सभी दुकानों को बंद करा दिया। घूम-घूम कर अदालतों, रजिस्ट्री कार्यालय व तहसील का भी कामकाज ठप कर दिया।
डीएम को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी, अभियुक्तों का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की गई। साथ ही अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम जल्द लागू किए जाने और अधिवक्ताओं पर हो रहे हमलों व दर्ज किए जा रहे झूठे मुकदमों की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने की मांग भी की गई।