कानपुर के हैलट ओपीडी में बुधवार को स्वाइन फ्लू के दो और संदिग्ध रोगी आए। इनमें एक सात साल की बच्ची है। बच्ची को बालरोग अस्पताल की इमरजेंसी में एन-95 मास्क पहनाकर रखा गया है। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू का इलाज शुरू कर दिया गया है। बच्ची का सैंपल जांच के लिए गुरुवार को माइक्रोबायोलोजी विभाग भेजा जाएगा। मेडिसिन ओपीडी में आए दूसरे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगी को संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) रेफर किया गया।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो पिक
वरिष्ठ बाल दमा विशेषज्ञ डॉ. राज तिलक की ओपीडी में सुबह एक बच्ची को गंभीर हालत में लाया गया। उसे वायरल निमोनिया के आधार पर भर्ती किया गया है लेकिन स्वाइन फ्लू के सभी लक्षण हैं।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो पिक
इस पर स्वाइन फ्लू की दवा शुरू कर दी गई है। आईडीएच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में तीन रोगी भर्ती हैं। स्वाइन फ्लू रोगी बच्ची की स्थिति ठीक है, उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। मंगलवार को आए पांडुनगर के एक रोगी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
4 of 5
डेमो पिक
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- अचानक बुखार आना
- तेज ठंड लगना
- गला खराब हो जाना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- तेज सिरदर्द होना,
- खांसी आना
- कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
- आराम करना, खूब पानी पीना, शरीर में पानी की कमी न होने देना इसका सबसे बेहतर उपाय है।
- स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में ट्रांसफर होता है और खांसने, छींकने, थूकने से वायरस सेहतमंद लोगों तक पहुंच जाता है।
- किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो उससे कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखें।
- अगर किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो उससे हाथ मिलाने और गले मिलने से बचना चाहिए।