कानपुर देहात। डेरापुर ब्लॉक में चिलौली से सिठमरा मार्ग की सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है। दरअसल यह सड़क ग्रामीण मार्ग है। इधर लोक निर्माण विभाग में केवल ओडीआर (अन्य जिला मार्ग), एमडीआर (प्रमुख जिला मार्ग) व स्टेट हाईवे (राज्य मार्ग) के चौड़ीकरण की योजना है। वहीं 20 किलोमीटर लंबे मार्ग को ही ओडीआर में शामिल कर सकते हैं जबकि चिलौली-सिठमरा मार्ग की लंबाई इस मानक से कम है।
डेरापुर-रूरा मार्ग और झींझक-रूरा मार्ग से चिलौली-सिठमरा मार्ग की सड़क जोड़ती है। एक तरह से यह सड़क डेरापुर वाया रूरा होकर झींझक या रसूलाबाद जाने का वैकल्पिक रास्ता है। यहां से चिलौली, रेरी, उमरी बजुर्ग, डिलौलिया, बहिरीउमरी, सरकौड़ा, अंबियापुर व सिठमरा आदि गांवों के लोगों की आवाजाही होती है जबकि कहिंजरी से डेरापुर जाने के लिए यह कम दूरी का मार्ग है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अजीत सिंह पाल ने बीते दिनों चिलौली से सिठमरा तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव दिया था।
फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने राज्यमंत्री के इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी है। यह मार्ग ग्रामीण श्रेणी का मार्ग है और लोक निर्माण विभाग में ग्रामीण श्रेणी के किसी मार्ग के चौड़ीकरण की योजना नहीं है। जानकारों का कहना है कि बीस किमी लंबाई की ग्रामीण सड़क को लोक निर्माण विभाग ओडीआर (अन्य जिला मार्ग) में शामिल कर सकता है। इसमें इस सड़क की कम लंबाई अड़चन बनी है।
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लोक निर्माण विभाग में ग्रामीण मार्ग के चौड़ीकरण की कोई योजना नहीं है। इसकी वजह से राज्यमंत्री का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल नहीं हो सका है। ओडीआर में शामिल करने के लिए चिलौली-सिठमरा मार्ग की लंबाई भी कम है।
-सुनील कुमार, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड।