वर्तमान में प्राधिकरण की प्राथमिकता ग्लोबल इनवेस्टर मीट और निवेशकों के लिए ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र तैयार करने की है। ऐसे में प्रोजेक्ट की राशि साढ़े चार सौ करोड़ पहुंचने के बाद यूपीसीडा ने हाथ खींच लिए हैं।
ट्रांसगंगा सिटी को भी मिलना था लाभ
लक्ष्य यह था कि इस पुल के जरिये न सिर्फ शुक्लागंज उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली से आने वाले वाहनों को शहर में दाखिल होने का वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा, बल्कि ट्रांसगंगा सिटी सीधे शहर से जुड़ जाएगी।
पुल से सिर्फ यूपीसीडा या ट्रांसगंगा सिटी को ही नहीं बल्कि शहर को भी लाभ होगा। ऐसे में प्रयास किए जा रहे हैं कि पीडब्ल्यूडी या अन्य कोई विभाग भी इस परियोजना में योगदान दे, ताकि इसे सिरे चढ़ाया जा सके। फिलहाल इस प्रोजेक्ट से ज्यादा प्राधिकरण का फोकस ग्लोबल इनवेस्टर मीट पर है। उसके खत्म होने के बाद पुल को लेकर नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे। -प्रेम प्रकाश मीणा, एसीईओ, यूपीसीडा