उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टॉफ ने पुलिस व अन्य लोगों को बुलाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। प्रसूता को भर्ती न किए जाने पर परिजन उसे बांदा ले गए। मंगलवार को 50 से अधिक अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद में डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह व सीएमओ डॉ. डीके गर्ग को भी शिकायती पत्र सौंपा। सीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है।