फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहपुर: हिस्ट्रीशीटर पूर्व प्रधान की 10 लाख की संपत्ति कुर्क, गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

Wed, 04 Nov 2020 11:54 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
विज्ञापन
हिस्ट्रीशीटर पूर्व प्रधान की 10 लाख की संपत्ति कुर्क - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अपराध के जरिए जुटाई गई हिस्ट्रीशीटर की संपत्ति पर बुधवार को पुलिस प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की कार्रवाई की। हिस्ट्रीशीटर की कुल संपत्ति 10 लाख 74 हजार 554 रुपये की है। इससे पहले शराब माफिया की संपत्ति कुर्क की गई थी।
विज्ञापन


किशनपुर थाना क्षेत्र के गढ़वा मजरे पौली निवासी हनुमंत सिंह यादव रारी ग्राम पंचायत से दो बार प्रधान रह चुका है। हत्या, लूट समेत 28 मामले थाने में दर्ज हैं। थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसका डीएम कोर्ट में 2011 में गैंगस्टर का मामला चला था।

आपराधिक कामों से अर्जित से संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पर 2011 में हुआ था। संपत्ति कुर्की के खिलाफ हिस्ट्रीशीटर हाईकोर्ट चला गया था। हाईकोर्ट ने 25 सितंबर 2020 को हिस्ट्रीशीटर का मामला खारिज कर दिया था।
विज्ञापन


उसके बाद डीएम संजीव सिंह ने आरोपी की संपत्ति कुर्क किए जाने के दोबारा आदेश दिए। बुधवार को तहसीलदार खागा शशिभूषण मिश्र और एसओ किशनपुर पंधारी सरोज शाम को टीम के साथ पहुंचे। सबसे पहले हनुमान सिंह के रघुराजपुर-रारी स्थित दो मंजिला मकान को सीज कर कुर्क किया।

इसके बाद गढ़वा गांव स्थित एक मकान व 11 बिस्वा खेत कुर्क किया गया। तहसीलदार खागा ने बताया कि 2011 से पहले अपराधों से अर्जित संपत्ति कुर्क की गई है। बाकी अन्य संपत्ति से प्रशासन का वास्ता नहीं है। एसओ पंधारी सरोज ने बताया कि पहले दो बार आरोपी भी प्रधान रह चुका है। वर्तमान प्रधान भी उसके घर का है।

यह संपत्ति सीज
- गढ़वा गांव में साढ़े चार लाख कीमत का मकान
- रघुराजपुर गांव में साढ़े पांच लाख रुपये कीमत का मकान
- एक लाख रुपये कीमत की 11 बिस्वा जमीन कुर्क

दहशत के दम पर जुटाया घर और जमीन
हिस्ट्रीशीटर हनुमंत सिंह यादव एक दशक पहले दहशत और आतंक का पर्याय था।  उसके खिलाफ 28 मामले दर्ज हैं। जिसमें दो हत्या, दो डकैती के संगीन अपराध हैं। किशनपुर थाना क्षेत्र के गढ़वा मजरे पौली निवासी हनुमंत सिंह (65) की जो भी संपत्ति प्रशासन ने अपने कब्जे में ली।

वह संपत्ति दहशत के दम पर जुटाई गई थी। अपराध करने के कारण क्षेत्र में बढ़ती धाक के चलते उसने जमीनों को अपना बनाया और गांव में होने वाले सरकारी कार्यों में भी दखल बनाकर संपत्ति जुटाई। ग्राम पंचायत की सीट भी उसी दहशत के चलते हनुमंत सिंह के आंगन में बनी रहती है।
विज्ञापन

मौजूदा समय भी हनुमान सिंह के घर में ही प्रधानी की सीट है। प्रशासन ने जो संपत्ति सीज की उसकी कीमत साढ़े दस लाख रुपये बताई गई। यह आंकलन उस समय का है। जब यह संपत्ति बनाई गई थी। मौजूदा समय कीमत बढ़ चुकी है।

पुलिस अभिलेखों में हनुमंत सिंह के खिलाफ कुल 20 संगीन मामले दर्ज हैं। इसमें खखरेरू में बलवा, हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट व लूट के तीन मुकदमे, किशनपुर थाने में गैंगस्टर, गाली-गलौज व धमकी, डकैती, हत्या, हत्यायुक्त लूट, गैर इरादतन हत्या, साक्ष्य मिटाने, हत्या का प्रयास, गुंडा अधिनियम, रासुका, मिनी गुंडा, गुंडा के कुल 28 मामले हैं। इसी तरह से खागा कोतवाली में अपहरण व हत्या, बलवा व हत्या का प्रयास का मुकदमा है।

क्षेत्र के प्रभावशाली का करीबी 
खागा तहसील क्षेत्र के एक प्रभावशाली व्यक्ति का हनुमंत सिंह करीबी है। वह प्रभाव वाले पदों में रहते हैं। करीबी होने के कारण अपराधों की लंबी फेहरिस्त होने के बाद भी इलाकाई पुलिस प्रशासन पर भी हिस्ट्रीशीटर रसूख झाड़ता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें