बैंक का कर्ज न चुका पाने की सूची में कानपुर की चार और फर्मों व कंपनियों का नाम दर्ज हो गया। सांवरिया फ्लोर मिल इसमें सबसे बड़ा नाम है। पंजाब नेशनल बैंक में कंपनी की 20 करोड़ की बकायेदारी चुकता न होने पर अब इसकी संपत्तियों की नीलामी होगी। ऑनलाइन बोली के लिए 22 मई तारीख निर्धारित की गई है। तीन अन्य कंपनियां मैसर्स राधिका पॉलिमर, मैसर्स एमआर इंटरनेशनल और मैसर्स नियाजी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड हैं। इन कंपनियों की संपत्तियों की नीलामी 21 मई को है।
गांधीग्राम चकेरी स्थित सांवरिया रोलिंग फ्लोर मिल के मालिक कृष्ण कुमार अग्रवाल और राम कृष्ण अग्रवाल ने वर्ष 2007 में पंजाब नेशनल बैंक की कृष्णा शाखा से करीब 10 करोड़ रुपये का व्यवसायिक लोन लिया था। इसके बाद वर्ष 2008 में फिर तीन करोड़ और 2009 में पांच करोड़ रुपये का लोन इसी शाखा से और लिया गया। वर्ष 2012 तक खाते दुरुस्त चले लेकिन इसके बाद से किस्तें जमा होनी बंद हो गईं। लगातार नोटिसों के बावजूद मिल मालिकों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। ब्याज की रकम जुड़ते जुड़ते कर्ज की रकम 20 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई।
इस पर बैंक ने एक जनवरी 2016 को मिल के लोन खाते एनपीए घोषित कर दिए। उस समय कुल बकायेदारी 20 करोड़, 47 लाख, 43 हजार 558 रुपये थी। 11 अगस्त 2017 को बंधक संपत्तियों को कब्जे में लेकर ब्याज और अन्य खर्चे जोड़कर डिमांड नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी मिल मालिकों की ओर से कर्ज की रकम जमा नहीं की गई। इस पर 30 अप्रैल 2019 को बैंक की ओर से बंधन संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी का नोटिस जारी किया गया।