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विवादों में घिरा जेईई मेंस 2019 का रिजल्ट, कोर्ट जाएंगे छात्र

Thu, 02 May 2019 09:46 AM IST
प्रशांत कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सोमवार को जारी किया गया ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेंस 2019 का रिजल्ट विवादों में घिर गया है। छात्रों और उनके परिजनों ने ईडब्ल्यूएस (गरीब सवर्ण आरक्षण) को सही तरह से लागू न करने का आरोप एनटीए पर लगाया है। कानपुर में छात्र इसको लेकर अब कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
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आरोप है कि एनटीए ने जानबूझकर केवल दो दिन का मौका ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत फॉर्म में संशोधन के लिए दिया था। 15 मार्च को आवेदन फॉर्म में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की और 16 मार्च को बंद कर दिया। इसकी कोई जानकारी भी छात्रों को नहीं दी गई, जिससे बड़ी संख्या में छात्र इस कोटे का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।

छात्रों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कोटे को लागू करने की सूचना नोटिफिकेशन के दौरान ही सभी छात्रों को देनी चाहिए थी। अगर बीच से भी लागू करते हैं तो यह एनटीए की जिम्मेदारी है कि वह आवेदन करने वाले प्रत्येक छात्र को उसके मोबाइल नंबर पर मैसेज और ई-मेल के जरिए इस बदलाव की जानकारी दें। छात्रों और परिजनों का कहना है कि अगर एनटीए रिजल्ट में संशोधन नहीं करता है तो कोर्ट जाएंगे।
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कोटा मिलता तो एडवांस के लिए हो जाते चयनित

मेंस देने वाले छात्र शैलेंद्र अवस्थी ने 85.5 पर्सेंटाइल स्कोर किया है। शैलेंद्र एडवांस के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं। शैलेंद्र का कहना है कि वह परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे और इधर एनटीए ने ईडब्ल्यूएस के लिए फॉर्म में संशोधन का मौका दे दिया। इसकी जानकारी उन्हें सही समय पर नहीं मिल पाई। ऐसे में वह फॉर्म नहीं भर पाए। अगर वह भी इस कोटे के तहत आवेदन कर देते तो उन्हें भी जेईई एडवांस में मौका मिल जाता। शैलेंद्र के मुताबिक ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 78.2174869 पर्सेंटाइल स्कोर वालों को एडवांस में मौका दिया जा रहा है।


जेईई मेंस में इस बार छात्रों की समझ से पर्सेंटाइल की गणित भी परे है। मेंस में ऑल इंडिया 63 रैंक हासिल करने वाले तरुण कनोडिया ने 360 में से 345 अंक हासिल किए थे। तरुण का कहना है कि उनसे कम अंक पाने वाले छात्रों की रैंक उनसे अच्छी है। ऐसा पर्सेंटाइल के खेल की वजह से हुआ है। पर्सेंटाइल का निर्धारण अलग-अलग स्लॉट की परीक्षा के अनुसार किया गया है। अलग-अलग स्लॉट के टॉपर्स भी अलग-अलग घोषित किए गए हैं। 
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