कानपुर में स्वरूप नगर निवासी साबुन कारोबारी मनीष शर्मा की पांच व्यावसायिक संपत्तियों को भारतीय स्टेट बैंक 17 मई को नीलाम करेगा। मनीष ने स्टेट बैंक को 5.75 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। कारोबारी के चार लोन खाते एनपीए हो चुके हैं। बैंक ने सरफेसी एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है।
मनीष शर्मा साबुन और डिटरजेंट बनाते हैं। इनकी फर्म शिशु सोप एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड है। 2014 में इन्होंने अपने नाम से को-ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल इस्टेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की एसएमई शाखा से चार करोड़ रुपये का लोन लिया था।
बैंक के सूत्र बताते हैं कि लोन लेने के छह महीने बाद ही किस्तें अनियमित होने लगी थीं। इन्होंने अपने निवास के तौर पर ग्वालटोली, स्वरूपनगर और तिलक नगर का पता दिया था। बैंक की ओर से इन आवासीय पते पर कई नोटिस भेजे गए, लेकिन इन्हें स्वीकार नहीं किया गया।
इसके बाद बैंक ने जून, 2018 में इनके आवास और फैक्ट्री पर नोटिस चस्पा कराए। कारोबारी को बैंक का बकाया 5.74 लाख रुपये जमा करने के लिए 60 दिन का मौका दिया गया। इसके बाद भी रकम जमा नहीं हुई तो बैंक ने 18 जनवरी को इनकी रनियां स्थित पांच व्यवसायिक संपत्तियों पर कब्जा कर लिया था। 13 अप्रैल को संपत्तियों की नीलामी का नोटिस जारी किया।