ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) में नौ अप्रैल को एलएफजी (लाइट फील्ड गन) में हुए धमाके के पांचवें दिन हादसा स्थल की पूरी तरह से साफ-सफाई कर दी गई। हादसा स्थल पर लगे खून के धब्बे मिटा दिए गए। इसके अलावा जिस कैरिज पर एलएफजी का परीक्षण किया जा रहा था। उसे टुकड़ों में बांटकर हटा दिया गया है। लेकिन अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है।
शनिवार को अचानक हादसा स्थल की सफाई से कई सवाल खड़े हो गए। निर्माणी में कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इन पांच दिनों में तीन टीमों ने हादसा स्थल की जांच-पड़ताल की थी।
सूत्रों ने बताया कि अभी तक जांच का कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। जबकि जबलपुर स्थित गुणता आश्वासन नियंत्रणालय आयुध के ब्रिगेडियर, आयुध निर्माणी बोर्ड की हाई पावर कमेटी, डीजीक्यूए (डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस) दिल्ली की टीम पड़ताल कर चुकी है।