कानपुर। कानपुर लेदर क्लस्टर में कार्बन फुटप्रिंट कम करने और उद्योगों को वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को एचबीटीयू सभागार में चर्म निर्यातकों के लिए कार्यशाला हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि टेनरियों और चमड़ा उत्पाद इकाइयों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देकर तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाकर उत्पादों को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
ग्रीनट्री ग्लोबल के प्रतिनिधि डॉ. सीएस आजाद ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य कानपुर लेदर क्लस्टर को ऊर्जा कुशल बनाना है। इस पहल में सिडबी का सहयोग है, जबकि बीईई, ईईएसएल और प्लेनेट वाइज तकनीकी भागीदार हैं। कार्यशाला में कार्बन फुटप्रिंट न्यूनीकरण रणनीति और रोडमैप प्रस्तुत किया गया जिसे उद्योग, तकनीकी विशेषज्ञों और वित्तीय संस्थानों के सुझावों के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि 10 प्रमुख लेदर इकाइयों में ऊर्जा ऑडिट और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अध्ययन पूरे हो चुके हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन एचबीटीयू के डीन प्रो. जितेंद्र भास्कर ने किया। केमिकल इंजीनियरिंग एवं लेदर टेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. जीएल देवनानी, सीएलआरआई के अभिनंदन कुमार और सिडबी के सहायक महाप्रबंधक सीतापल्ली श्रीनिवास ने भी विचार रखे जबकि बीईई के निदेशक पी. श्याम सुंदर और ईईएसएल के महाप्रबंधक गिरिजा शंकर वर्चुअल रूप से जुड़े।