कानपुर देहात। हाईवे पर सफर करने वालों के लिए टोल प्लाजा मुसीबत बन रहा है। टोल पर घंटों जाम में खड़े होने से लोग परेशान हैं। फास्टैग लगा होने के बाद भी लाइन में खड़ा होना पड़ता है। शिकायत करने पर टोल कर्मी वाहन सवार लोगों से अभद्रता करते हैं।
फास्टैग सिस्टम 15 दिसंबर से लागू हो गया है। इसके बाद टोल पर अव्यवस्था और बढ़ गई है। टोल प्रबंधन फास्टैग लेनों को खाली रखने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। इससे वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फास्टैग लेन में ऐसे वाहन पहुंच रहे हैं जिनमें टैग ही नहीं लगे हैं। उन वाहनों के पीछे टैग लगे वाहन खड़े होकर हार्न बजाते रहते हैं।
रांची से बनारस जा रहे प्रकाश की कार टोल पर जाम में फंसी थी। बात करते ही उनका दर्द फूट पड़ा। बोले, रास्ते में हर टोल पर जाम लगा मिला। हाईवे का सफर टोल की वजह से बेमजा हो गया है।
दिल्ली से कानपुर जा रहे अमित पांडेय ने बताया कि फास्टैग सिस्टम लागू होने के बाद भी जाम की समस्या खत्म नहीं हुई। टोल प्रबंधन व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कर पा रहा है। लखनऊ से झांसी जा रहे रिप्पन अग्रवाल ने बताया कि टोल पर फास्टैग लेन दूर से समझ में नहीं आती है। अंदर जाने पर पता चलता है फास्टैग लेन है। इससे और जाम लगता है। कानपुर से इटावा जा रहे जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि टोल पर फास्टैग मिल नहीं रहे हैं। टोल कर्मियों का व्यवहार बेहद खराब है। शिकायत दर्ज करने के लिए पुस्तिका होनी चाहिए।
एजीएम टोल प्लाजा मनोज शर्मा ने बताया कि फास्टैग लेन निर्धारित हैं। हर लेन के ऊपर बोर्ड लगा है। वाहनों के चालक इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे अव्यवस्था होती है। कर्मियों को वाहन सवारों के साथ शालीनता से पेश आने की हिदायत दी गई है।
-