फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन बच्चों की हत्या पर नाना बोले: बेटी मर जाती तो आंसू भी नहीं निकलते, लेकिन उसने तीन मासूमों को मार डाला

Sat, 29 Jun 2024 09:14 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, औरैया

सार

10 साल पहले प्रियंका की शादी हुई थी। उसकी शादी के 15 दिन बाद ही भाई पवन की अचानक हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई थी। शादी के 10 साल भी नहीं बीते थे कि उसके पति की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
शोकाकुल प्रियंका के परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

औरैया जिले में बेरहम मां ने चचेरे देवर के साथ प्रेम-प्रसंग के चलते अपने तीन मासूम बच्चों को डुबोकर मार डाला। गुरुवार को गांव अटा बरौआ में आरोपी प्रियंका के मायके पक्ष के परिजन मातम में डूबे रहे। ...बेटी मर जाती तो आंसू भी नहीं निकलते, लेकिन उसने तीन मासूमों को मार डाला। यह कहते हुए प्रियंका के पिता प्रमोद कुमार दहाड़ मारकर रो पड़े।

विज्ञापन

गुरुवार को तीन बच्चों की हत्या की घटना के साथ ही पुरानी यादों में परिजन डूबे नजर आए। प्रियंका के जन्म से लेकर अभी तक के घटनाक्रम पर ध्यान गया। प्रियंका के इर्द-गिर्द मौतों का मंजर ही परिजन की बातों में सामने आया।

तीन बच्चों की हत्यारी मां प्रियंका के पिता प्रमोद कुमार उर्फ भूरे ने बताया की प्रियंका का जब जन्म हुआ था, इसके कुछ दिन बाद ही उसकी मां कमलेश कुमारी की मौत हो गई थी। एक बड़ा बेटा पवन और प्रियंका की मेहनत मजदूरी करके बेहतर परवरिश की।

इसमें छोटे भाई कन्हैयालाल और भाभी गीता देवी का भी बहुत योगदान रहा। वह मजदूरी करने जाते थे। बच्चों की देखरेख भाभी और भतीजी करती थी। प्रियंका पढ़ाई में भी बहुत होशियार थी। इसको लेकर उसे देवरपुर गांव के कॉलेज के इंटर तक पढ़ाया भी।

जिसके बाद 10 साल पहले अच्छा घर देखकर उसकी शादी कर दी। उसकी शादी के 15 दिन बाद ही बेटे पवन की अचानक हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वहीं शादी को 10 साल भी नहीं बीते और पति अवनीश की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।

डेढ़ साल बाद प्रियंका बच्चों के साथ घर बरौआ आकर रहने लगी। नातियों के साथ उनका भी मन लगा रहता था। वहीं छोटे भाई की बेटियां प्रीति, वर्षा और ज्योति और बेटा अनमोल भी प्रियंका और उसके बच्चों का पूरा ख्याल रखते थे। खाने पीने की भी कोई दिक्कत नहीं थी।
विज्ञापन

घर के बाहरी कमरे में वह बच्चों के साथ रह रही थी, लेकिन इसके बावजूद भी घर वालों से रोजाना लड़ना-झगड़ना उसकी आदत बन गई थी। समझाने पर सभी को अपना दुश्मन मानती थी। प्रियंका मर जाती तो आंसू भी नहीं निकलते, लेकिन उसने तीन मासूमों को मार डाला। यह कहते हुए भूरे दहाड़ मारकर रो पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें