पीपीपी मॉडल के तहत निजी हाथों में सौंपे गए छह राजकीय पॉलिटेक्निक में फिलहाल पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने 2022 तक नए संस्थानों को शिक्षण कार्य संचालन करने की मान्यता देने से इंकार कर दिया है।
प्रदेश के 31 पॉलिटेक्निक और 40 आईटीआई को पीपीपी मॉडल के तहत निजी हाथों में दिया जाना है, इनमें कई पॉलिटेक्निक अभी निर्माणाधीन हैं। सरकार बन चुके छह आईटीआई और छह पॉलिटेक्निक को निजी कंपनी को सौंप चुकी है और अगले सत्र से इनमें पढ़ाई कराने की तैयारी थी।
बता दें कि बीते कुछ सालों से पॉलिटेक्निक की ओर छात्रों का रुझान कम हो रहा है। इससे हर साल सीटें खाली रह जाती हैं। ऐसे में एआईसीटीई ने नए पॉलिटेक्निक को मान्यता देने पर रोक लगा रखी है। निदेशक प्राविधिक शिक्षा मनोज कुमार ने बताया कि संस्थानों की मान्यता के लिए एआईसीटीई के अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी।
इन पॉलिटेक्निक की फंसी मान्यता
राजकीय पॉलिटेक्निक हरदोई, राजकीय पॉलिटेक्निक मेरठ, राजकीय पॉलिटेक्निक सहारनपुर, राजकीय पॉलिटेक्निक महोबा, राजकीय पॉलिटेक्निक आजमगढ़ और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक बाराबंकी।