इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) यूपी के आह्वान पर शुक्रवार को प्राइवेट डॉक्टर 12 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। सुबह आठ से रात आठ बजे तक क्लीनिक, नर्सिंग होम और प्राइवेट अस्पताल बंद रहेंगे। सुबह नौ बजे डॉक्टर फूलबाग में धरना देंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे सीएम को संबोधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को देंगे।
हड़ताल को लेकर गुरुवार को आईएमए कानपुर शाखा की जनरल बॉडी की मीटिंग जेएल रोहतगी अस्पताल में हुई। मीटिंग में सदस्यों ने आईएमए यूपी के फैसले पर 12 घंटे हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया। हालांकि मीटिंग में बमुश्किल 50 सदस्य ही पहुंचे। इनमें से भी ज्यादातर की राय आईएमए यूपी के फैसले से अलग थी। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय, सचिव डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. आरएन चौरसिया आदि मौजूद रहे। सरकारी डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष निखिल गुप्ता ने भी हड़ताल का समर्थन किया है।
सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर नहीं रहेंगे
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने चार बजे सभी विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई। कहा कि कई डॉक्टर आईएमए के मेंबर हैं लेकिन सरकारी सेवा वाले डॉक्टर किसी भी सूरत में हड़ताल पर नहीं रहेंगे। बिना जरूरी कारण किसी को छुट्टी भी नहीं दी जाएगी।
डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त
एडी हेल्थ डॉ. जेपी आर्य ने कहा कि प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को अस्पतालों में समय से उपस्थित रहने को कहा गया है। वह खुद अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे। गायब डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।