फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रपति ने कहा: मेरे आने पर दो घंटे में खर्च होते हैं 20 लाख, इसलिए फोन पर बात कर लें

Mon, 28 Jun 2021 12:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

राष्ट्रपति ने बताया, पुखरायां के लोग कहते हैं एक-दो घंटे के लिए कभी भी आ सकते हैं। इससे एक बात साफ है कि ये लोग आत्मीयता से जुड़े हैं। मगर ये संभव नहीं हो पाता।
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर देहात के पुखरायां में राष्ट्रपति ने संबोधन के दौरान एक ऐसा वाकया बताया, जिस पर खूब ठहाके लगे। राष्ट्रपति ने कहा कि एक मेरे अधिवक्ता दोस्त हैं दिग्विजय सिंह। 24 घंटे पहले मुझसे मिलने की इच्छा जता पत्र भेजा। मैंने मिलने की हामी भरी। जैसे ही वो मिले, मैंने पूछा कि अभी तक कहां सो रहे थे।
विज्ञापन


तुम्हारा पत्र तो बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। इस पर हर कोई हंसने लगा तो राष्ट्रपति भी मुस्कुराए। राष्ट्रपति ने आगे बताया, दरअसल दिग्विजय ने कहा कि मुझे लगा कि आप राष्ट्रपति बन चुके हो, तो शायद पहचानोगे नहीं। इसलिए पहले पत्र नहीं भेजा था। मगर जब आप यहां आए तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने मिलने की इच्छा जताई। राष्ट्रपति ने कहा, मैं जैसा पहले था, वैसा आज भी हूं।

कोविंद ने अपने पैतृक गांव पर परौंख में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे पांच लाख प्रतिमाह तनख्वाह मिलती है। जिसमें पौने तीन लाख टैक्स कट जाता है। हमसे ज्यादा तो हमारे टीचरों और अधिकारियों को मिलता है। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन

देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर हूं। उसकी कुछ जिम्मेदारियां और प्रोटोकॉल है, जिसे निभाना पड़ता है। आज जिस संवैधानिक पद पर हूं, मैंने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी। ये कानपुर देहात के वासियों का आशीर्वाद है, जो मैं यहां तक पहुंचा। ये हमारे लोकतंत्र की आदर्श व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि पहनावा, उतार-चढ़ाव आदि पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसे लेकर मैंने कइयों को भटकते देखता है। 

दो घंटे में खर्च होते हैं 18-20 लाख 
राष्ट्रपति ने बताया, पुखरायां के लोग कहते हैं एक-दो घंटे के लिए कभी भी आ सकते हैं। इससे एक बात साफ है कि ये लोग आत्मीयता से जुड़े हैं। मगर ये संभव नहीं हो पाता। इसके पीछे उन्होंने एक बड़ा कारण बताया। कहा कि राष्ट्रपति के दौरे के खर्च का एक अनुमान है।

इसके मुताबिक दो घंटे में तकरीबन 18-20 लाख रुपये खर्च होते हैं। जितने ज्यादा दौरे होंगे, उतने अधिक पैसे खर्च होंगे। ये पैसा आपके ही टैक्स का है। इसलिए मेरे हिसाब से टेलीफोन पर बातचीत करना काफी है। पत्र भेजकर शुभकामनाएं देना मुझे पसंद है। यही बेहतर भी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें