फूलों से सजाया राष्ट्रपति का पैतृक घर
कानपुर देहात। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर करीब एक माह से जिला स्तरीय अफसर परौंख को संवारने में लगे। महज 20-25 दिन के भीतर राष्ट्रपति के पैतृक गांव को संवार दिया गया। गलियां चमाचम कर दी गई हैं। पैतृक आवास (मिलन केंद्र) का कायाकल्प कर दिया गया है।
उनका स्वागत करने के लिए पैतृक घर को फूलों से सजाया गया है। इसके अलावा आंबेडकर पार्क, पथरी देवी मंदिर, प्राथमिक विद्यालय, बहुउद्देशीय भवन को भी संवारा गया है। आज परौंख में अपने कोविंद का लोग स्वागत करेंगे।
बनाए गए दो वातानुकूलित सेफ हाउस
डेरापुर। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में आगमन को लेकर डेरापुर सीएचसी में दो वातानुकूलित सेफ हाउस बनाए गए हैं। यह सेफ हाउस आपातकालीन सेवा के लिए हैं। सेफ हाउस में बेड के साथ सोफा, अटैच बाथरूम, इमरजेंसी दवाओं एवं चिकित्सक की व्यवस्था की गई है।
वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गांव के आंबेडकर पार्क में भी जाएंगे। इसके चलते आंबेडकर पार्क के मार्ग व परिसर में इंटरलॉकिंग की गई है। आंबेडकर प्रतिमा के पास टाइल्स लगवाए गए। बेहतरीन तरीके से रंगाई पुताई कर परिसर को दुरुस्त कर दिया गया।
होगा बायो गैस प्लांट का ट्रायल
डेरापुर। जिले में पहला बायो गैस प्लांट हाल ही में राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में बनाया गया है। बहुउद्देश्यीय भवन परिसर में बने प्लांट को संचालित करने के लिए खामियों को दूर कर लिया गया है। रविवार को इसका ट्रायल किया जाएगा। (संवाद)
परौंख में तीन दिन बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
डेरापुर। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बन रहे हेलीपैड के पास के बिजली के पोल व तार हटाकर नई लाइन डाली गई है। इस दौरान तीन दिन गांव में बिजली गुल रही। इससे गांव के लोगों में खासा नाराजगी भी देखने को मिली। अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति शनिवार को बहाल कर दी गई। विभागीय अफसरों ने रात भर में करीब दो किलोमीटर लाइन बिछा दी। अब लोगों की समस्या का समाधान हो गया। (संवाद)