राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए ऐसे लोगों को आगे आने को कहा है, जिनके अंदर समाज के प्रति कुछ करने और त्याग की भावना है। वे बुधवार को मेहरबान सिंह का पुरवा में चौधरी हरमोहन सिंह के जन्म शताब्दी समारोह पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से शौर्य चक्र से सम्मानित चौ. हरमोहन ने शिक्षा को माध्यम बनाकर गांव के एक पुरवा को शहर की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया, वह अनुकरणीय है। यह क्षेत्र अब प्राथमिक से लेकर तकनीकी शिक्षा का हब बन गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास का माध्यम है। इस बात को चौधरी हरमोहन ने अच्छी तरह से समझा। उनकी सादगी व समाज के लिए किए गए योगदान से वे शुरू से ही परिचित रहे हैं। उन्होंने जीवन में पूरी ईमानदारी के साथ समाज के लिए काम किया।
मुझे उनके साथ राज्यसभा में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बताया कि उनके व्यक्तित्व के साथ समाज के प्रति किए गए योगदान से अभिभूत होकर ही उनके जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने आया हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के बाद हमारे समक्ष अनेक चुनौतियां थीं।