कानपुर देहात। बिजली बिल राहत योजना में बकायेदारों के पंजीकरण कराने में रुचि नहीं लेने वाले तीन एई (एसडीओ) व पांच जेई पर कार्रवाई की तैयारी है। सभी को आरोप पत्र जारी किए गए हैं। इनके जवाब के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
बकाया राजस्व जमा कराने के लिए बीते साल बिजली बिल राहत योजना शुरू की गई। चालू वर्ष में मार्च तक यह योजना चली। इसमें मूलधन व ब्याज में छूट का प्रावधान किया गया था। दो हजार रुपये जमा कर पंजीकरण कराना अनिवार्य था। योजना में 50 हजार से अधिक बकायेदारों ने पंजीकरण कराया और 40 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व जमा हुआ। हालांकि अभी करीब 50 हजार से अधिक बकायेदारों से करीब 70 करोड़ रुपये राजस्व वसूली नहीं हो सकी। सभी जेई व एई को पंजीकरण लक्ष्य दिए गए थे।
समीक्षा में पाया गया कि झींझक उपकेंद्र के जेई उमाकांत ने केवल 29 फीसदी पंजीकरण कराया है। मिंडाकुआं के जेई रंगलाल ने 31 फीसदी, डेरापुर के जेई आरएस वर्मा ने 31.92 फीसदी, बनीपारा के जेई राजकुमार ने 32.23 फीसदी और न्यू झींझक के जेई पंकज कुशवाहा ने 35.49 फीसदी पंजीकरण कराया। वहीं एसडीओ झींझक लव वर्मा ने 32 फीसदी पंजीकरण कराया। एसडीओ रूरा ब्रजेंद्र कुमर ने 36.7 फीसदी और एसडीओ रसूलाबाद शहादत सलीम ने 38.47 फीसदी पंजीकरण कराया है। लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति पर इन जेई व एई को आरोप पत्र जारी किए गए हैं। अधीक्षण अभियंता सुमित व्यास ने बताया कि जांच अधिकारी की ओर से आरोप पत्र पर संबंधित का जवाब लिया जाएगा। इसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।