कानपुर। महानगर कमिश्नरेट पुलिस के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को आर्यनगर स्थित द स्पोर्ट्स हब सभागार में सेवा सुरक्षा और सुशासन नाम से समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्रथम पुलिस कमिश्नर व प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आपदा और बड़ी घटनाओं से राहत के लिए एनडीआरएफ जैसा राहत बचाव दल प्रत्येक कमिश्नरेट और जिलों में बनाने की बात कही गई। इस पर डीजीपी ने भी हामी भरी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। पुलिस हाईटेक होने के साथ ही सक्रिय भी हुई है, जिससे अपराधों में कमी आई है। असीम अरुण ने कहा कि सरकार के आठ साल के साथ ही कानपुर कमिश्नरेट भी चार साल का होकर अब दौड़ने लायक हो गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने अस्त्र-शस्त्र की देखभाल के साथ उसे हमेशा इस्तेमाल लायक रखे, ताकि समय पर वे काम आ सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिलों में आग लगने, डूबने या इसी तरह की दूसरी बड़ी घटनाओं में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ जैसी राहत बचाव दल का गठन कमिश्नरी और जिला स्तर पर किया जाना चाहिए। बताया कि कानपुर को 1979 में ही सबसे पहले कमिश्नरी बनाए जाने की योजना बनी थी, जो किसी वजह से रुक गई थी।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं को पुलिस में भर्ती किया जा रहा है। इसमें लड़कों के साथ लड़कियों को भी जगह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में 50 हजार महिलाएं इस समय तैनात हैं। कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान को लेकर सरकार कटिबद्ध है। बताया कि आपरेशन त्रिनेत्र काफी अच्छा रोल निभा रहा है। कहा कि घटनाओं की जांच और दोषियों को हर हाल में सजा मिले, इसके लिए योगी सरकार ने 400 करोड़ का बजट फॉरेंसिक को दिया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ में पानी में डूबने से लोगों को बचाने के लिए बड़ी मात्रा में आधुनिक उपकरण सरकार ने खरीदे हैं, जो अब प्रदेश के सभी जिलों में भेजे जाएंगे। पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने इस मौके पर सभी स्वागत किया। साथ ही हौसला नाम से एक पोस्टर भी लांच किया गया। इस मौके पर धर्मगुरुओं, व्यापारियों, प्रबुद्ध लोगों के साथ अच्छा कार्य करने वाले 11 शहरियों, 31 पुलिस कर्मियों और साइबर ठगों को ठगने वाले भूपेंद्र को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर एडीजी आलोक कुमार, ब्रिगेडियर शबीबुल हसन,
जिला जज प्रदीप जी,
सीईओ कैंट स्टीफंस पीडी, डीआईजी अतुल सिंह, डीआईजी रेंज जोगिंदर सिंह, जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह, संजीव पाठक बॉबी, संजय सिंह जाटव सहित अन्य व्यापारी, अधिकारी, समाजसेवी शामिल रहे।
कानपुर। कमिश्नरेट के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों से कमिश्नरेट पुलिस की कार्य प्रणाली और जनपद में कानून व्यवस्था पर उनके विचार जानें। इस पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है लेकिन अभी यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण को रोकने की दिशा में काफी काम किए जाने की जरूरत है। विधायक महेश त्रिवेदी ने कहा कि पुलिस चौकी से लेकर निचले स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और बेहतर किया जाना चाहिए। सुरेंद्र मैैथानी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने गोविंदनगर क्षेत्र में कैमरे लगाने में स्वयं मदद करने की बात कही। नीलिमा कटियार, सरोज कुरील, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि पुलिसिंग अच्छी होने की वजह से पिछली सरकारों की अपेक्षा अपराधों में कमी आई है। राहुल बच्चा सोनकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस को और सक्रिय जाए। इस मौके पर भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, जिलाध्यक्ष दक्षिण शिवराम सिंह, दीपू पांडेय सहित अनेक लोग मौजूद रहे।