कानपुर। जर्जर हालत में जूझ रहे नगर निगम के 12 माध्यमिक स्कूलों की जल्द ही सूरत बदलने की तैयारी है। जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर नगर निगम में दी जाएगी। इसके बाद बजट आवंटित किया जाएगा। अपर नगर आयुक्त ने सिविल के मुख्य अभियंताओं को यह आदेश दिया है। 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट बनाकर देने के लिए कहा है।
शहर में कई नगर निगम के स्कूल जर्जर हालत में हैं। कहीं लैब ध्वस्त है तो कहीं बैठने के लिए कमरे नहीं हैं। प्लास्टर झड़ता रहता है। सिविल अभियंताओं की रिपोर्ट के आधार बने प्रस्ताव के बाद नगर निगम के अधिकारी खुद स्कूल में जाकर वहां प्रस्तावित कार्यों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद वे अंतिम रिपोर्ट अपर नगर आयुक्त तक पहुंचाएंगे। नगर निगम विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि कई स्कूलों में काफी परेशानी है। फर्नीचर और शौचालय तक नहीं है। कई बार इन बिंदुओं पर प्रस्ताव बनाकर दिए जा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जर्जर स्कूलों की वजह से छात्र भी पढ़ने नहीं आते। तस्वीर बदलने के बाद शिक्षकों को अध्यापन और विद्यार्थियों को अध्ययन कार्य कराने में मदद मिलेगी।
.............
नगर निगम (शिक्षा विभाग) के अंतर्गत ये स्कूल हैं संचालित
नगर निगम बालिका विद्यालय इंटर काॅलेज चुन्नीगंज , नगर निगम एमजी इंटर काॅलेज सिविल लाइंस, नगर निगम बालिका इंटर काॅलेज सर्वोदयनगर, नगर निगम बालिका इंटर काॅलेज तिलकनगर, रतन शुक्ल नगर निगम इंटर काॅलेज जूही बसंतीनगर, डीपीएस नगर निगम इंटर काॅलेज नवाबगंज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जूही, गांधी संगीत महाविद्यालय सिविल लाइंस, आरबीआरडी नगर निगम बालिका इंटर कालेज नवाबगंज, गांधी स्मारक नगर निगम इंटर काॅलेज गोविंदनगर, किदवईनगर बालिका नगर निगम इंटर काॅलेज किदवईनगर, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुन्नीगंज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय काकादेव, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किदवईनगर।