कानपुर। नजूल की जमीन पर कब्जे के मामले में जेल में बंद अवनीश दीक्षित के करीबी सुनील शुक्ला का अरेस्ट स्टे खारिज कराने के लिए पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया है। दलील दी जा रही है कि सुनील लगातार बुलाए जाने के बाद भी जांच में शामिल होने के लिए नहीं आ रहा। साथ ही पुलिस का सहयाेग भी नहीं कर रहा है।
बता दें, उसके खिलाफ पुलिस ने केस्को के पीएफ घोटाले के मामले में चार्जशीट पहले ही तैयार कर ली है। सिविल लाइंस स्थित नजूल की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास में पुलिस ने 28 जुलाई 2024 को अवनीश को जेल भेजा था। अवनीश के बैंक खातों की जांच के दौरान हुए बड़े लेनदेन में सुनील का नाम सामने आया। पता चला कि उसने 30 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की थी।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सुनील की बालाजी नाम की कंपनी में अवनीश का भी हस्तक्षेप है। उसके परिवार का एक सदस्य सुनील की कंपनी में निदेशक भी है। जांच में केस्को के पीएफ घोटाले का खुलासा हुआ था।
इसी के बाद विवेचक कर्नलगंज थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव ने तीन बार नोटिस जारी कर सुनील को पूछताछ और बयानों के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। इसी के बाद जांच में सहयोग न करने पर अब कोर्ट से लिए अरेस्ट स्टे को हाईकोर्ट में चुनौती दे रही है।
आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। अरेस्ट स्टे खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई है। -
विपिन मिश्रा, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय