जंगल में बदमाशों की तलाश करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उधर, डकैती कांड की सूचना पर जीआरपी अपर पुलिस महानिदेशक, आरपीएफ के आईजी, चित्रकूटधाम के डीआईजी व चित्रकूट के एसपी समेत भारी पुलिस फोर्स घटनास्थल पर पहुंचे। डाग स्क्वॉड की मदद से डकैतों की तलाश की गई। संदेह के आधार पर छह ग्रामीणों से पुलिस पूछताछ कर रही है। घायल व लुटे यात्रियों में ज्यादातर आंध्रप्रदेश के बताए जाते हैं। इलाहाबाद स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों ने अज्ञात डकैतों के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। डकैतों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा बताई गई है। इनमें कुछ नकाबपोश भी थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटना में कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के हाथ होने की भी आशंका जताई है।
चेन्नई से पटना जा रही गंगा-कावेरी सुपरफास्ट नानस्टाप ट्रेन रविवार की रात 12 बजकर 55 मिनट पर मानिकपुर जंक्शन से गुजरी। यात्रियों के मुताबिक, तब तक सब कुछ सामान्य था। रात लगभग एक बजकर 27 मिनट पर जैसे ही ट्रेन पनहाई-डभौरा स्टेशन के बीच गेट नंबर 405/सीई 2 खंभा 1270 के पास पहुंची, सिग्नल न मिलने से ट्रेन रुक गई। इसके पूर्व भी चेन पुलिंग की गई थी। ट्रेन रुकते स्लीपर कोच नंबर 3,4,5,7 और 9 में असलहों से लैस डकैत चढ़े। यात्रियों से मारपीट के बाद लूटपाट शुरू कर दी। यात्रियों के शोर मचाने पर डकैतों ने बंदूक सीने पर लगा दी। यात्रियों से सोना-चांदी, नगदी, मोबाइल लैपटाप और अन्य सामग्री लूट लिया। यात्रियों के मुताबिक, डकैतों के कुछ साथी पहले से बोगी में मौजूद थे। ट्रेन रुकते ही लगभग एक दर्जन बंदूकधारी बोगियों में चढ़े और लूटपाट की है।