हरदोई शहर के छोटा चौराहा पर स्थित इस कोठी को लोग प्रताप भवन नाम से जानते हैं। बदले राजनीतिक दौर और नई पीढ़ी के अधिकांश नए-नवेले नेताओं को न तो इस कोठी के बारे में बहुत जानकारी है और न ही प्रताप भवन के बारे में। दरअसल, हकीकत तो यह है कि लगभग तीन दशक तक जिले की राजनीतिक का केंद्र यही कोठी होती थी। यह बात और है कि पिछले लगभग ढाई दशक से इस कोठी में सन्नाटा पसरा रहता है।
आजादी के बाद के राजनीतिक माहौल की चर्चा जब कभी होती है, तो जनपद के दो दिग्गज नेताओं शारदा भक्त सिंह और गंगा भक्त सिंह का नाम जरूर आता है। स्वतंत्र भारत में हुए शुरुआती चुनावों में जब पूरे देश में कांग्रेस का डंका बजता था, तो हरदोई जनपद के हरियावां गांव में जन्मे यह दोनों भाई जनसंघ का दीया लेकर पार्टी का उजाला फैलाने की कोशिश में लगे रहते थे।