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प्रखर जी महाराज मामला: साध्वी बोली- माता-पिता से मेरा कोई संबंध नहीं, गुरु जी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद

Thu, 21 Apr 2022 10:26 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

साध्वी ने कहा कि जब वह सामान्य जीवन में थीं तो नौकरी करती थीं। उनका कुछ फंड बचा था। इसके अलावा माता-पिता ने भी कुछ पैसा उनके खाते में खर्चे के लिए डाला हुआ था। सन्यास लेने के बाद उन्होंने खाते से 45 लाख रुपये अपने माता-पिता को लौटने की बात कही।
 
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प्रखर जी महाराज की शिष्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरे माता-पिता ने साधु, संयासियों, प्रखर जी महाराज को बदनाम करने की नीयत से रिपोर्ट दर्ज कराई थी..। प्रखर जी महाराज पर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं..। मैंने अपने माता-पिता से संबंध विच्छेद करने के लिए हरिद्वार कोर्ट में मुकदमा भी दायर किया हुआ है..। यह बयान गुरुवार को युवती ने सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट में दर्ज कराए।
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युवती के बयान दर्ज कराने के बाद अब उनके माता-पिता ही कठघरे में खड़े हो गए हैं। प्रखर जी महाराज की शिष्या की मां ने किदवई नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने प्रखर जी महाराज पर बेटी का यौन शोषण करने व उसे जादू टोना कर अपने वश में करने, जबरन आश्रम में बंधक  बनाने का आरोप लगाया था।

रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस की एक टीम ने आश्रम जाकर शिष्या के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उन्होंने सारे आरोप गलत ठहराए। इस पर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। गुरुवार को शिष्या अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचीं और बयान दर्ज कराए। उन्होंने कोर्ट में बताया कि उनके  साथ किसी ने कोई यौन शोषण नहीं किया। उन्होंने अपने माता पिता से खुद की जान को खतरा भी बताया।
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संयास लेने से पहले लौटाए थे 45 लाख रुपये
साध्वी ने कहा कि जब वह सामान्य जीवन में थीं तो नौकरी करती थीं। उनका कुछ फंड बचा था। इसके अलावा माता-पिता ने भी कुछ पैसा उनके खाते में खर्चे के लिए डाला हुआ था। सन्यास लेने के बाद उन्होंने खाते से 45 लाख रुपये अपने माता-पिता को लौटने की बात कही।

अपनी इच्छा से वर्ष 2019 में सन्यास लिया और फरवरी 2020 में घर छोड़ने की बात कही। शिष्या ने बताया कि  राज्य महिला आयोग की सदस्य की पैरवी पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिल कर शिकायत करने की बात कही। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की नजर प्रखर जी महाराज की संपत्ति पर है। उन लोगों का मिलना जुलना उनके माता-पिता से भी है। इसे योजनाबद्ध तरीके से रची गई साजिश का अंग बताया। 
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